एक देश, एक विधान और एक निशान के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया सर्वोच्च बलिदान: संजय सरावगी!

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:- रवि शंकर अमित!

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘बलिदान दिवस’ पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें दी श्रद्धान्जलि, किया नमन

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण का अप्रतिम उदाहरण : संजय सरावगी

डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र प्रथम की भावना को जीवनभर किया आत्मसात : संजय सरावगी

एक देश, एक विधान और एक निशान के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान: संजय सरावगी

पटना, 23 जून । बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं देश की एकता और अखंडता के महान प्रहरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा और उनका योगदान भारतीय राजनीति एवं राष्ट्रनिर्माण के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखा। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा के लिए संघर्षपूर्ण जीवन जिया। स्वतंत्र भारत में उन्होंने ऐसे अनेक विषयों पर मुखर होकर अपनी बात रखी, जो देश की राष्ट्रीय अस्मिता और संवैधानिक एकता से जुड़े हुए थे।

उनका मानना था कि भारत की शक्ति उसकी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित है। उन्होंने अपने विचारों और कर्मों से राष्ट्रवाद की ऐसी धारा प्रवाहित की, जो आज भी करोड़ों देशवासियों को प्रेरित करती है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी व्यवस्थाओं का दृढ़ता से विरोध किया और “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर राष्ट्रीय एकीकरण के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें बलिदान के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाया। उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्रहित के लिए किया गया संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता।

सरावगी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श, विचार और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। भाजपा उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण, सुशासन और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ा रही है।

प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें और एक सशक्त, समृद्ध तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें। उनका बलिदान राष्ट्र की चेतना में सदैव अमर रहेगा।

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