रिपोर्ट – रवि शंकर अमित!
मुख्य बिंदु :-
मार्च 2026 में आई प्राकृतिक आपदा से राज्य के 13 जिलों-सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल एवं भागलपुर में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी।
बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि खेती-किसानी में आत्मविश्वास और स्थिरता भी प्रदान करती है।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कृषि इनपुट अनुदान के लिए 200 करोड़ रूपये उपलब्ध कराए गए तथा कृषि विभाग के अनुरोध पर अतिरिक्त 60.71 करोड़ रूपये की राशि भी आवंटित की गई। प्रभावित किसानों की सहायता के लिए कुल 260.71 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है।
सरकार किसानों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती के साथ खड़ी है।
केन्द्र की और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाने तथा प्राकृतिक आपदाओं से होनेवाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रतिबद्ध है।
पटना 22 जून 2026 : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में रबी 2025-26 के दौरान मार्च 2026 के तृतीय एवं चतुर्थ सप्ताह में आई आंधी-तूफान, असामयिक वर्षापात एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत 3.96 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में डी०बी०टी० (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से 200 करोड़ रूपये से अधिक की अनुदान राशि का ऑनलाइन हस्तांतरण किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण असामयिक वर्षापात, आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। आपदा पीड़ितों को सरकार अपने खजाने से हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना नहीं है, बल्कि यह किसानों में आत्मविश्वास और स्थिरता का संचार करने का भी माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2026 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा से राज्य के 13 जिलों-सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल एवं भागलपुर में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। प्रभावित किसानों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 200 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई तथा कृषि विभाग के अनुरोध पर अतिरिक्त 60.71 करोड़ रूपये की राशि भी स्वीकृत की गई। इस प्रकार किसानों की सहायता के लिए कुल 260.71 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। दो दिन पहले प्रधानमंत्री जी ने किसान सम्मान निधि की राशि किसानों को उपलब्ध करायी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ किसान भाईयों को सीधा मिल रहा है। यहां के किसान भी इससे जुड़ें। केन्द्र की और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाने तथा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह सहायता राशि प्रभावित किसानों को पुनः खेती-किसानी के कार्यों में संबल प्रदान करेगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव
प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।



