:- रवि शंकर अमित!
मुख्य बिन्दु :-
देश भर में टॉप से बॉटम तक बिहारी हैं।
जुलाई माह से प्रत्येक प्रखण्ड में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल खोलेंगे। हमारा सपना तब पूरा होगा, जब कॉन्वेंट के बच्चे इस स्कूल में अपना नाम लिखायेंगे और पढ़ेंगे।
पटना, 17 जून 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी आज श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में प्रभात खबर द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले मेधावी विद्यार्थियों सुश्री डोएल प्रभा, श्री मयंक कुमार, सुश्री अनन्या सिंह, श्री एकांश श्रीसय, सुश्री वेदिका, श्री उन्नति राज, सुश्री अदिशी गोयल, सुश्री रिचा आनंद, सुश्री सताक्षी सिंह, सुश्री मेघना कुमारी, सुश्री अनन्या सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के पश्चात् मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बहुत खुशी की बात है कि प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह के इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की प्रतिभाओं का सम्मान किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं एवं उनके परिजनों को बधाई एवं शुभकामनायें देता हूँ। अभिभावकों के सहयोग से ही छात्र-छात्रायें आगे बढ़ते हैं। हम सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, वे हमेशा आगे बढ़ें। प्रभात खबर को भी इस आयोजन के लिये बधाई देता हूँ। प्रभात खबर वर्ष 2012 से बिहार और झारखंड में प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करते आ रहा है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है। हमारे बच्चे जहां जाते हैं, वहां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं। कोटा जैसे जगहों पर चलाये जा रहे शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करनेवाले छात्र भी बिहारी ही हैं और पढ़ानेवाले भी बिहारी हैं। यू०पी०एस०सी० की परीक्षा में बिहार के छात्र बेहतर प्रदर्शन करनेवाले होते हैं। देश भर में टॉप से बॉटम तक बिहारी दिखेंगे। अपने जीविकोपार्जन के लिये देश के दूसरे हिस्सों में जाकर वहां की व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपने श्रम से भी बिहारी योगदान दे रहे हैं। अपने ज्ञान और प्रतिभा के बल पर बिहारी अपनी अलग पहचान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इसी बिहार में नालंदा और विक्रमशीला विश्वविद्यालय था। बख्तियार खिलजी ने जब नालंदा विश्वविद्यालय को जलाया था तो वहां की 90 लाख पुस्तकों को जलने में 6 माह का वक्त लगा था। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी और पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी को नालंदा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना के लिये बधाई देते हैं। नालंदा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना कार्यक्रम में आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि अब विक्रमशीला विश्वविद्यालय को भी स्थापित करें। हमलोग अगले एक वर्ष में
विक्रमशीला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित करेंगे। बिहार के गौरवशाली इतिहास को पुनर्स्थापित करना है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बच्चों के लिये साइकिल योजना, पोशाक योजना चलायी। बच्चों बच्चियों को स्कूल तक पहुंचाया। बिहार की शिक्षा की स्थिति बदली। उन्होंने कहा कि राज्य में 73 हजार स्कूल खुले हैं, इसमें शिक्षा की गुणवता को और बेहतर करना है। जुलाई माह से प्रत्येक प्रखण्ड में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल खोलेंगे। हमारा सपना तब पूरा होगा, जब कॉन्वेंट के बच्चे इस स्कूल में अपना नाम लिखायेंगे और पढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 211 प्रखण्डों में डिग्री कॉलेज खोले जायेंगे। सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को ठीक करना है। शिक्षा व्यवस्था की संरचना बेहतर होगी तो छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा। छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिये छात्रवृत्ति योजना चलायी जा रही है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिये स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को 4 लाख रूपये की सहायता दी जा रही है। छात्रों को आगे बढ़ाने के लिये सरकार पूरा सहयोग करते रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है। कोई अपराध करेगा उसे बख्शा नहीं जायेगा। कोई अपराधी पुलिस को चैलेंज करेगा तो उसे 48 घंटे के अंदर जवाब दिया जायेगा। लड़कियों की सुरक्षा के लिये विशेष तौर पर हमने सुरक्षा के लिये पुलिस दीदी को लगाया है। सभी निर्भीक होकर अध्ययन-अध्यापन करें। एक बेटी पढ़ती है तो पूरा परिवार पढ़ता है। बिहार की बेटियां और बेटे दोनों अच्छा कर रहे हैं। हम सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हैं और शुभकामना देते हैं कि वे अपने जीवन में और ऊँचाइयों को प्राप्त करें।
कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी, प्रभात खबर के वाइस प्रेसिडेंट श्री विजय बहादुर एवं प्रभात खबर के प्रधान संपादक श्री अंकित शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षाविद्, निदेशक, छात्र-छात्रायें एवं अभिभावक उपस्थित थे।




