रिपोर्ट :- संतोष चौहान
सुपौल :- भारत – नेपाल सीमा पर अवस्थित 45वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने भीमनगर चेक पोस्ट पर नियमित जांच के दौरान सात नेपाली नाबालिग बच्चों को संभावित मानव तस्करी एवं बाल श्रम के उद्देश्य से ले जाए जाने से बचाया गया।
सोमवार को भीमनगर चेक पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान एसएसबी जवानों ने सात नाबालिग बच्चों को चेक पोस्ट की ओर आते देखा। पूछताछ के दौरान बच्चे अपनी नागरिकता संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके तथा उनके साथ कोई अभिभावक भी मौजूद नहीं था। पूछताछ के दौरान बच्चों द्वारा बार-बार अलग-अलग बयान दिए जाने के कारण संदेह उत्पन्न हुआ।
मौके पर उपस्थित मानव तस्करी विरोधी इकाई (ए०एच०टी०यू०) द्वारा विस्तृत पूछताछ एवं जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हुआ कि बच्चों को बाल श्रम कराने के उद्देश्य से तस्करी कर ले जाया जा रहा था।
सभी बच्चे नेपाल के सप्तरी जिले के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए सातों नाबालिग बच्चों को नेपाल प्रहरी भांटावारी,को सुपुर्द कर दिया गया।
इस कार्रवाई के दौरान सशस्त्र सीमा बल, वीरपुर के सहायक उप निरीक्षक चंदन सिंह तथा मानव तस्करी विरोधी इकाई के सहायक उप निरीक्षक भारत भूषण सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
इस संबंध में द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल मानव तस्करी एवं बाल शोषण के विरुद्ध निरंतर सतर्क एवं प्रतिबद्ध है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए बल द्वारा नियमित निगरानी, जांच एवं जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ताकि मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।




