जहानाबाद- इबोला वायरस को लेकर सतर्क हुआ अस्पताल बनाया गया विशेष वार्ड!

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रिपोर्ट- पंकज कुमार!

इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए जहानाबाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है. स्वास्थ्य विभाग ने इबोला जैसे गंभीर संक्रमण से निपटने के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने, आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है.
आइसोलेशन वार्ड और विशेष बेड की तैयारी को लेकर
सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी ने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों में इबोला वायरस से संभावित संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड और विशेष बेड तैयार किए जा रहे हैं. साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, जीवन रक्षक दवाएं, मास्क और ग्लव्स की व्यवस्था भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफ को इबोला वायरस की पहचान, बचाव और उपचार से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक इबोला वायरस का कोई संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है. इसके बावजूद बिहार सरकार की एडवाइजरी के तहत सभी अस्पतालों के अधीक्षक, उपाधीक्षक और प्रभारी चिकित्सकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. विशेष रूप से ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच की जा रही है और संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है.स्वास्थ्य विभाग ने अफ्रीकी देशों और इबोला प्रभावित क्षेत्रों से लौटने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है. ऐसे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति और यात्रा इतिहास की जानकारी जुटाई जाएगी. संदिग्ध लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्ति को क्वॉरेंटाइन कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा. इबोला वायरस के संबंध में बताया गया कि अचानक तेज बुखार और ठंड लगना,
अत्यधिक कमजोरी और थकान
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द,
गंभीर सिरदर्द
गले में खराश
गंभीर लक्षण होने पर बढ़ जाता है इससे ज्यादा खतरा
पेट दर्द, उल्टी और दस्त
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
नाक, मसूड़ों या मल से रक्तस्राव
लीवर और किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होना बताया जाता है फिलहाल जहानाबाद के सदर अस्पताल से लेकर सभी प्रखंड मुख्यालय के अस्पताल को अलर्ट मोड में रखा गया है

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