आरा/आशुतोष पाण्डेय
आरा, 7 जून। छात्र संगठन आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के संयुक्त आह्वान पर देशभर में चल रहे केंद्रीय विरोध-प्रदर्शन के तहत रविवार को पेपर लीक, भर्ती घोटालों, TRE-4 अभ्यर्थियों पर दमन तथा छात्र-युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर मार्च निकाला गया। मार्च भाकपा-माले जिला कार्यालय, श्रीटोला से शुरू होकर बस स्टैंड पहुंचा, जहां प्रतिरोध सभा आयोजित की गई।
सभा की अध्यक्षता करते हुए आइसा जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाएं गंभीर संकट से गुजर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कठिन संघर्ष करते हैं, लेकिन पेपर लीक और भर्ती घोटाले उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फेर देते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) बार-बार हो रही अनियमितताओं को रोकने में विफल साबित हुई है। आइसा ने NTA को भंग करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए जिला सहसचिव राजू राम ने बिहार में TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन पर हुए कथित दमन, लाठीचार्ज और मुकदमों की निंदा की। उन्होंने कहा कि रोजगार की मांग कर रहे युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। संगठन ने लंबित बहाली प्रक्रिया को जल्द पूरा करने तथा आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।
वक्ताओं ने बेरोजगार और संघर्षरत युवाओं के सम्मान, शिक्षा और रोजगार के अधिकार की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। सभा में छात्र-युवाओं ने पेपर लीक माफिया और भर्ती घोटालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम में आरवाईए भोजपुर जिला अध्यक्ष विकास कुमार, जिला सहसचिव रौशन कुशवाहा, सुमित कुमार, चंदन दास, जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार, सागर पासवान, मुस्कान कुमारी, मीडिया प्रभारी सन्नीदेवल कुमार, जेल कॉलेज नेत्री वर्षा कुमारी, हंसिका, गोलू कुमार, मनीष कुमार, चंदन कुमार, रितेश कुमार समेत दर्जनों छात्र-युवा उपस्थित थे।




