रिपोर्ट :- संतोष चौहान
गांव में पंचायत बैठाकर पांच लाख में मौत का ‘सौदा’ का भी हो रहा है दावा
सुपौल :- जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अन्तर्गत तुलापट्टी पंचायत के वार्ड नंबर-01 स्थित लालपट्टी गांव में शनिवार की देर शाम एक 22 वर्षीय युवक सतीश पंडित की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर कार्रवाई में देरी और साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है। घटना के पश्चात रविवार को गांव में पंचायत बैठाकर पांच लाख रुपये में मौत का ‘सौदा’ तय करने का भी दावा किया जा रहा है। मृतक सतीश पंडित लालपट्टी वार्ड नंबर-01 निवासी लालो पंडित का छोटा लड़का था। परिजनों का कहना है कि शनिवार देर शाम लाल पट्टी चौक स्थित दुकानदार राजन कुमार और चार-पांच अन्य लोगों ने सतीश के साथ मारपीट की और उसे बुरी तरह जख्मी कर सिटी रिक्शा पर लेटा दिया। कुछ ही देर में सतीश ने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता लालो पंडित ने आक्रोश जताते हुए कहा कि मेरा बेटा पूरी तरह स्वस्थ था। दुकानदार और उसके साथियों ने पीट-पीट कर मार डाला। शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान हैं। बिजली करंट से मौत की बात सरासर गलत है, असली कारण को छिपाने के लिए बाद में बिजली करेंट लगा दिया गया। हम अपने बेटे की हत्या का न्याय चाहते हैं।

घंटों तक शव को नहीं उठाया पुलिस: गांव में उठे रहे हैं सवाल
घटना की सूचना मिलने पर पिपरा थानाध्यक्ष राजेश कुमार झा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और प्रारंभिक छानबीन की। लेकिन परिजनों का आरोप है कि घंटों बीतने के बाद भी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा। इससे मौत के असली कारणों पर सवाल खड़े हो रहे हैं और लोगों को आशंका है कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ हो सकती है।
पंचायत में पांच लाख में ‘सौदा’ का दावा
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रविवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों और पिपरा पुलिस की मौजूदगी में पंचायत बैठाकर मृतक की मौत का ‘सौदा’ पांच लाख रुपये में तय किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेजा गया।
पुलिस बोली लिखित आवेदन पर होगी कार्रवाई
थानाध्यक्ष राजेश कुमार झा ने कहा कि घटना की जानकारी मिली थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। परिजनों के बयान पर मामला दर्ज किए गए हैं। पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मिलने पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
परिवार में कोहराम, निष्पक्ष जांच की मांग
सतीश अविवाहित था और दो भाइयों में छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अधिकांश ग्रामीणों का कहना है कि मौत के कारणों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके। घटना की उच्चस्तरीय जांच हो और मृतक के शव को रोककर पंचायत करने वाले लोगों पर भी विधिसम्मत कारवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।




