रिपोर्ट :- संतोष चौहान, सुपौल
पिछले वर्ष के कोशी कटाव के पीड़ितों को आज तक गृह क्षति की राशि का नहीं मिलना प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है उसे जल्द दिलाए, जिला प्रशासन
सुपौल :- कोशी नव निर्माण मंच ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कोशी कटाव पीड़ितों को पुनर्वास व सरकारी जमीन में बसाने, पिछले वर्ष के कटाव पीड़ितों को गृह क्षति दिलाने, चल रही आपदा पूर्व तैयारी में कोशी तटबंध के भीतर के टीलों को शरण स्थल मानते हुए तैयारी करने सहित कोशी के बुनियादी मांगों के निराकरण की मांग उठाई है।
संगठन द्वारा दिए गए मांग पत्र में पहली मांग कोशी के कटाव से किशनपुर अंचल के बेला गोठ, बगहा, पंचगछिया में हो रहे कोशी कटाव से विस्थापित हो रहे अक्षम परिवारों को पुनर्वास की जमीन/ सरकारी जमीन में बसाने की मांग उठाई है।
वहीं संगठन ने जिला प्रशासन द्वारा आपदा पूर्व चल रही तैयारी में आपदा विभाग के सचिव के पत्र के बिंदुओं को उल्लेखित करते हुए कहा है कि भीषण बाढ़ के समय कोशी तटबंध के भीतर ऊंचे टीलों पर ही लोग शरण लेते हैं इसलिए इन टीलों को शरण स्थल के रूप चिन्हित करते हुए उसपर बुनियादी सुविधाएं शौचालय, चांपाकल,की व्यवस्था करते हुए कम्युनिटी किचन संचालित करने की तैयारी भी करे। संगठन कोशी के भीतर नावों के अनुबंध में भ्रष्टाचार की बातों को उठाते हुए चेताया है कि नावों को अनुबंध पर रखते समय लॉगबुक और परवाना दिया जाए। साथ ही उसकी सूची घाटों, पर पंचायत और अंचल में लगाई जाए।
संगठन ने पिछले वर्ष के कटाव पीड़ितों को गृह क्षति और अनेक बाढ़ पीड़ितों को जीआर का लाभ नहीं मिलने पर रोष व्यक्त करते हुए है कहा है कि यह प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है इसलिए यथाशीघ्र भुगतान किया जाए।
कोशी के बुनियादी सवालों पर विगत 27 मार्च को मुख्यमत्री के नाम संगठन द्वारा भेजे गए 10 सूत्रीय मांग पत्र पर आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव द्वारा 27 मई को सुपौल डीएम के नाम आए पत्र का जिक्र करते हुए संगठन ने उन बुनियादी सवालों के निराकरण की मांग उठाई है।
इन मांगो के त्वरित कार्रवाई नहीं होने के स्थिति में संगठन द्वारा अगले सप्ताह धरना देने पर विचार किया जा रहा है। मांग पत्र पर संगठन के परिषदीय अध्यक्ष इंद्र नारायण सिंह, जिला सचिव राजेश मण्डल और संस्थापक महेंद्र यादव ने हस्ताक्षर कर भेजें हैं।




