रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
मधुबनी के शिक्षक हर चुनौती में रहे अग्रणी, जनगणना में भी जिला रहेगा अव्वल शिक्षक संगठन
प्रशासन एवं शिक्षकों के समन्वय से जनगणना कार्य को मिलेगा नई ऊर्जा
मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में बीपीएससी अध्यापक संघ बिहार, जिला इकाई मधुबनी सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना कार्य को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से संचालित करने हेतु शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना था।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश एवं समाज के भविष्य की योजना निर्माण का आधार है। सरकार की विकास योजनाओं, संसाधनों के समुचित वितरण तथा सामाजिक-आर्थिक नीतियों के निर्धारण में जनगणना की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में इस कार्य को पूरी गंभीरता, निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मधुबनी जिला सदैव प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक अभियानों में राज्य स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाता रहा है। शिक्षकों की कार्यनिष्ठा एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के कारण ही जिला कई महत्वपूर्ण अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता आया है। जिलाधिकारी ने सभी शिक्षक संगठनों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में भी मधुबनी को राज्य के अग्रणी जिलों में स्थापित करने हेतु सभी शिक्षक समर्पित भाव से योगदान दें।
बैठक में उपस्थित बीपीएससी अध्यापक संघ बिहार, जिला इकाई मधुबनी एवं अन्य शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि मधुबनी जिले के शिक्षक सदैव जनहित एवं राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं और आगे भी निभाते रहेंगे। संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मधुबनी जिला को हमेशा प्रथम पायदान पर रखने का प्रयास शिक्षकों द्वारा किया जाता रहा है तथा जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में भी जिले को उत्कृष्ट प्रदर्शन दिलाने हेतु शिक्षक पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे।
बैठक के दौरान जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक पहलुओं, क्षेत्रीय समन्वय, प्रशिक्षण, जनसहभागिता एवं समयबद्ध निष्पादन को लेकर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन एवं शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से जनगणना कार्य को ओर अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।




