रिपोर्ट अनमोल कुमार
अलीराजपुर से लेकर मांडव तक स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज का हुआ भव्य स्वागत
25 करोड़ सदस्य बनाकर हम सन्त संसद की स्थापना करेगें – स्वामी स्वदेशानंद
अलीराजपुर। अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी स्वदेशानन्द ब्रह्म गिरि महाराज अपने साथियों शहडोल संभाग के अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा, सुखलाल तुरकर, निरंजन शर्मा, राकेश शर्मा, श्याम सूर्यवंशी, मेहतलाल कटरे, श्रीमती मंजू यूईके आदि साथियों के साथ एक मई से नर्मदा परिक्रमा में जब वे अलीराजपुर पहुंचे तो नरेन्द्र मोदी विचार मंच महिला शाखा की मालवा प्रान्त की प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा जी के नेतृत्व में परिक्रमा वासियों को पुष्प हारों तथा शाल श्रीफल से स्वागत किया गया। धार में अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिकटी मंच के प्रदेश अध्यक्ष राजा भाऊ भदाने के नेतृत्व में तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढा की उपस्थिति में सैकड़ों पदाधिकारियों ने पुष्प हारों से और भगवा वस्त्र देकर स्वागत किया। रानी रूपमती की नगरी मांडव में भगवान चतुर्भुज श्री राम मन्दिर में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री की प्रमुख उपस्थिति में सत्संग का कार्यक्रम हुआ। स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज के नेतृत्व में किए जा रहे मां नर्मदा परिक्रमा का 11 वा दिन है । स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज ने बताया कि 14 दिनों में ये यात्रा हम पूरी कर अमरकंटक में समापन करेगें । नर्मदा परिक्रमा का उद्देश्य मां नर्मदा मैया से आशीर्वाद प्राप्त कर आने वाले समय में ग्यारह सूत्रीय मांगों को लेकर किए जाने भारत माता परिक्रमा को सफल बनाने के उद्देश्य से नर्मदा परिक्रमा कर रहें हैं। भारत माता परिक्रमा का उद्देश्य रहेगा भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना, गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाना, साधु सन्तों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाना, लव जिहाद पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने विशेष कानून बनाना, धर्मांतरण रोकने के लिए विशेष कानून बनाना आदि ग्यारह सूत्रीय मांगों को लेकर भारत माता परिक्रमा किया जायेगा। आपने कहा कि हम दशहरा के प्रथम दिन से ही हम पुनः मां नर्मदा जी की परिक्रमा करेगें। तीन बार मां नर्मदा जी के आशीर्वाद से मां नर्मदा जी की परिक्रमा करेगें।



