औरंगाबाद- सदर अस्पताल की व्यवस्था पड़ी कमजोर,लू वार्ड में भर्ती हैं सिजेरियन ऑपरेशन वाले मरीज!

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रिपोर्ट- रुपेश कुमार!

औरंगाबाद जिले में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, जबकि लू और डिहाइड्रेशन के कारण बीमार पड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जिले का सदर अस्पताल मरीजों से भरता जा रहा है, लेकिन यहां की व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है।गर्मी और हीट वेव के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन द्वारा नशा मुक्ति वार्ड को अस्थायी रूप से लू वार्ड में तब्दील करने की बात कही गई थी। प्रबंधन का दावा है कि हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों के लिए 14 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आई। जब हमारी टीम ने अस्पताल पहुंची, तो तथाकथित लू वार्ड में एक भी बेड खाली नहीं मिला। सभी बेड पर सिजेरियन ऑपरेशन के मरीज भर्ती थे। इतना ही नहीं, वार्ड में जगह की कमी के कारण कई मरीज जमीन पर लेटे हुए नजर आए।

स्थिति यह है कि लू से पीड़ित मरीजों को अन्य सामान्य वार्डों में रखा जा रहा है, जहां पहले से ही भीड़ अधिक है। ऐसे में मरीजों को न तो उचित इलाज मिल पा रहा है और न ही राहत

बाईट सुमित डॉक्टर सदर अस्पताल

बाईट जमुना पांडे डॉक्टर सदर अस्पताल

बाईट मरिज

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