संवैधानिक तरीके से सीएम नहीं बने सम्राट, जनादेश का अपमान, NDA में सब ठीक नहीं – प्रशांत किशोर!

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रिपोर्ट- अमित कुमार!

बिहार की जनता ने 2020 में नीतीश कुमार के चेहरे और उनके नाम पर एनडीए को जनादेश दिया था।

जनता ने स्पष्ट बहुमत देकर कहा था कि नेतृत्व नीतीश जी करें। आज जब नीतीश जी मुख्यमंत्री नहीं हैं और सम्राट चौधरी जी शपथ ले रहे हैं, तो ये जनता के जनादेश का अपमान है।_

_दूसरी बात, शपथ ग्रहण एक संवैधानिक प्रक्रिया है। लेकिन जब बिहार में एनडीए की सरकार बन रही है और उस समारोह में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या भाजपा-जदयू का कोई भी राष्ट्रीय स्तर का बड़ा चेहरा मौजूद नहीं है, तो ये खुद बताता है कि एनडीए के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। ये सिर्फ सत्ता का फेरबदल नहीं है, ये गठबंधन में विश्वास की कमी का संकेत है। बिहार की जनता सब देख रही है।”

संदर्भ: 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण लोकभवन पटना में हुआ जिसमें उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में जेपी नड्डा शामिल हुए थे।

बाइट – प्रशांत किशोर, संस्थापक जन सुराज

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