रिपोर्ट- अश्विनी श्रीवास्तव!
जिला प्रशासन की टीम के साथ मालदह डिविजन के अधिकारियों ने पूरे गांव का लिया जायजा।
रास्ता बंद करने के विरोध में आंदोलन से लेकर वोट का भी हो चुका है बहिष्कार, जांच से जगी आस।
शंखनाद के लिए अश्वनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट : भागलपुर-मंदारहिल रेलखंड स्थित समपार विहीन ओड़हारा पंचायत मुख्यालय गांव की सड़क को बंद करने पर अडिग रेल प्रशासन को आखिरकार जिला प्रशासन की टीम के साथ बुधवार को जांच करने आना ही पड़ा। ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद स्थानीय विधायक मनीष कुमार की पहल पर बुधवार को मालदह डिविजन के अधिकारियों के साथ बांका जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इस सड़क की आवश्यकता की जांच गांव पहुंचकर की। इस दौरान रेल अधिकारियों के साथ बांका के डीएम नवदीप शुक्ला के निर्देश पर बांका के एडीएम अजीत कुमार, एसडीएम राजकुमार, एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, रजौन की बीडीओ अंतिमा कुमारी, राजस्व अधिकारी सुरजेश्वर श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने संपार विहीन रास्ते को देखने के बाद पूरे ओड़हारा गांव का भी निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि रेलखण्ड होकर गुजरी इस मार्ग को विभाग अगर स्थायी रूप से बंद कर देती है तो कृषि फार्म के लिए प्रसिद्ध बांका जिला का यह खूबसूरत घनी आबादी वाला गांव यातायात की सुविधा से पूरी तरह महरूम हो जाएगा। ग्रामीण बमबम मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, बिमल ठाकुर, राकेश ठाकुर, संदीप मिश्रा के नेतृत्व में गांव के सरकारी संस्थानों को भी देखा। अधिकारियों को ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव की आबादी करीब 7 हजार से भी ज्यादा है। इस गांव में सीआरसी केंद्र, प्लस 2 स्कूल, के अलावे इलाके का चर्चित कृषि फार्म भी है। इसके अलावे तीन आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र सहित अन्य सरकारी संस्थान भी है। रेलवे विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट आलाधिकारियों को सौंपी जाएगी, और सार्थक पहल भी की जाएगी। इस दौरान कुमोद सिंह, फूटो यादव, सजल झा, राहुल मिश्रा, संजय हरिजन, सुरेश लैया, लक्ष्मण ठाकुर, सरयुग हरिजन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।




