रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
गुप्त सूचना पर जयनगर में अवैध पशु तस्करी का हुआ भंडाफोड़
मधुबनी जिले से लगनेवाली भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध पशु तस्करी के खिलाफ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 48 वीं वाहिनी ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। ये कार्वाई जयनगर के अंतर्गत समवाय पिपरौंन की टीम ने छः बैलों के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी, जो अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने में अहम साबित हो रही है। समवाय कमांडर पिपरौंन से प्राप्त गुप्त सुचना के आधार पर एसएसबी की गश्ती टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 284/35 के निकट भारतीय क्षेत्र में लगभग पांच सौ मीटर अंदर विशेष अभियान चलाया गया। गश्त के दौरान तीन संदिग्ध व्यक्ति नेपाल से बैलों को अवैध रूप से भारत की ओर लाते दिखे। जवानों ने तत्परता बरतते हुए उन्हें मौके पर दबोच लिया और उनके कब्जे से कुल छः बैल बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नेपाल से इन पशुओं को चुपचाप भारत लाकर स्थानीय बाजार में ऊंचे दाम पर बेचने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार तस्कर हरलाखी थाना क्षेत्र, जिला मधुबनी के निवासी हैं। बरामद बैल स्वस्थ पाए गए, जिन्हें विधिसम्मत कार्रवाई के लिए हरलाखी थाना को सौंप दिया गया है। एसएसबी के कमांडेंट ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है की सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध पशु तस्करी पर रोक लगाने हेतु सशस्त्र सीमा बल हमेशा सतर्क रहता है। जवानों की मुस्तैदी और आसूचना आधारित अभियानों से तस्करी के प्रयासों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। 48 वीं वाहिनी भविष्य में भी सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखेगी। बताते चलें कि मधुबनी जिले में भारत नेपाल सीमा पर पशु तस्करी का यह मामला बढ़ते खतरे का संकेत देता है। स्थानीय प्रशासन और एसएसबी के संयुक्त प्रयासों से अब तक कई ऐसी घटनाओं को रोका जा चुका है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक नुकसान रोकती है, बल्कि सीमा सुरक्षा को भी मजबूत करती है। हरलाखी थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें तस्करी के नेटवर्क मे संलिप्त अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सकता है। एसएसबी की यह सफलता क्षेत्रवासियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा रही है।




