मुंगेर- गंगा में मछली मारने से रोकने और रंगदारी मांगने का आरोप, मछुआरों के साथ एसपी से मिले मुकेश सहनी!

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रिपोर्ट- सुमित कुमार!

मुंगेर जिले के हेमजापुर थाना क्षेत्र में गंगा नदी में मछली मारने को लेकर दबंगों द्वारा मछुआरा समाज को परेशान करने और उनसे रंगदारी मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। इसको लेकर मछुआरों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ वीआईपी सुप्रीमो व सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी बुधवार को मुंगेर पुलिस अधीक्षक से मिले और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित मछुआरों ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि धरहरा अंचल के शिवकुण्ड से बाहाचौकी तक का गंगा नदी क्षेत्र मत्स्य जीवि सहयोग समिति के अंतर्गत आता है, जहां मछुआरा समाज वर्षों से मछली पकड़कर अपनी जीविका चलाता आ रहा है। आरोप है कि परौरा और मिरजाचक गांव के कुछ दबंग व्यक्ति उन्हें मछली मारने से रोकते हैं और विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देते हैं।
आवेदन के अनुसार, 9 जनवरी 2026 को मछली पकड़ने के दौरान दबंग हथियारों के साथ पहुंचे और जबरन जाल खींचकर पानी से बाहर निकाल लिया। इस दौरान मछुआरों के साथ मारपीट की गई और जाल फाड़ दिया गया। आरोप है कि दबंगों ने प्रति माह 11 हजार रुपये रंगदारी देने की मांग की है।
इस मामले में वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में गंगा नदी को मछुआरों के लिए मुक्त किया गया था, ताकि गरीब लोग मछली मारकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। लेकिन अब दबंगों ने गंगा पर वर्चस्व बना लिया है और गरीब मछुआरों से हफ्ता वसूली की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से गंगा को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

वहीं, मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि गंगा में मछली मारने को लेकर विवाद की सूचना पहले ही मिली थी। थाना प्रभारी के आवेदन के आलोक में मत्स्य विभाग के अधिकारी के साथ संयुक्त स्थल निरीक्षण कराया गया है। निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल एहतियातन प्रिवेंटिव कार्रवाई की गई है और सभी पक्षों को कानून अपने हाथ में न लेने की चेतावनी दी गई है।

बाइट- सैयद इमरान मसूद एसपी मुंगेर

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