क्या बिहार की हॉट एयर बैलून पर्यटन और सार्वजनिक सुरक्षा किसी कैब सेवा कंपनी के भरोसे छोड़ी जा सकती है?

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:- न्यूज़ डेस्क!

बिहार सरकार की प्रस्तावित हॉट एयर बैलून पर्यटन योजना, जिसे राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में पेश किया जा रहा है, पहले ही सार्वजनिक सुरक्षा, संचालन विशेषज्ञता और नियामक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

इस विवाद के केंद्र में बिहारट्रिप (BiharTrip.Com) नामक कंपनी की भूमिका है, जो मुख्य रूप से कैब एग्रीगेशन और ट्रैवल सेवाओं के लिए जानी जाती है, लेकिन हॉट एयर बैलून उड़ानों के संचालन का कोई सिद्ध अनुभव नहीं रखती। यह गतिविधि जटिल विमानन नियमों, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और जीवन से जुड़े उच्च जोखिम प्रबंधन की मांग करती है।

हाल ही में बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के साथ इस प्रस्ताव को लेकर एक बैठक हुई, लेकिन विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि कहीं उत्साह, सतर्कता पर भारी तो नहीं पड़ रहा।

कैब सेवाओं से बैलून उड़ानों तक: एक खतरनाक छलांग?

हॉट एयर बैलूनिंग कोई सामान्य पर्यटन गतिविधि नहीं है। इसके लिए आवश्यक है:

  • अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रमाणपत्रों से लैस प्रमाणित पायलट
  • विमान-स्तरीय सुरक्षा ऑडिट
  • मौसम जोखिम आकलन प्रणाली
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया ढांचा
  • डीजीसीए (DGCA) और वैश्विक विमानन मानकों का कड़ाई से पालन

आलोचकों का कहना है कि बिना किसी विमानन पृष्ठभूमि वाली कंपनी को बैलून उड़ानों की अनुमति देना, सार्वजनिक सुरक्षा को एक प्रयोग बनाने जैसा है।

एक वरिष्ठ विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ ने सवाल उठाया,
“अगर कोई कैब सेवा कंपनी सड़कों पर ड्राइवरों के व्यवहार में निरंतरता सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो दर्जनों लोगों की जान को दांव पर लगाने वाले हवाई पर्यटन पर उसे कैसे भरोसा किया जा सकता है?”

सुरक्षा पहले या पर्यटन की दिखावटी छवि?

सरकारी अधिकारी आर्थिक लाभ और रोजगार सृजन की बात कर रहे हैं, लेकिन अब तक इन मुद्दों पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है:

  • कंपनी का हॉट एयर बैलून संचालन का पूर्व अनुभव
  • सुरक्षा प्रमाणपत्र और पायलटों की नियुक्ति प्रक्रिया
  • बीमा कवरेज और दायित्व (लायबिलिटी) ढांचा
  • आपातकालीन लैंडिंग और आपदा प्रबंधन योजना

राजस्थान और गोवा जैसे राज्यों में, जहां पहले से हॉट एयर बैलून पर्यटन संचालित हो रहा है, वहां अनुभवी विमानन ऑपरेटरों पर भरोसा किया गया है—न कि ऐसे नए प्रवेशकों पर जिनका व्यवसाय मॉडल पूरी तरह असंबंधित है।

दांव पर है जनता का भरोसा

पर्यटन पहलें तभी सफल होती हैं जब जनता का भरोसा बना रहे। हॉट एयर बैलून से जुड़ी कोई भी दुर्घटना न केवल लोगों की जान को खतरे में डालेगी, बल्कि बिहार की पर्यटन छवि को भी अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती है—जिसे सुधारने का दावा सरकार स्वयं कर रही है।

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