तीन दिवसीय प्रमंडल स्तरीय उधान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता 2025 -26 का प्रमंडलीय आयुक्त ने किया उद्घाटन!

SHARE:

रिपोर्ट- सुमित कुमार

तीन दिवसीय प्रमंडल स्तरीय उधान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता 2025 -26 का प्रमंडलीय आयुक्त ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया उद्घाटन। पांच जिले के लगभग 650 किसान प्रदर्शनी मेला में लिया हिस्सा।

मुंगेर : जिला के इनडोर स्टेडियम में तीन दिवसीय प्रमंडल स्तरीय उधान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता 2025 -26 का दूसरे दिन शुक्रवार को प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ,जिला कृषि पदाधिकारी सुष्मिता जिला उधान पदाधिकारी डॉक्टर सुपर्णा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया। इस मोके पर प्रमंडलीय आयुक्त ने किसानो एवं छात्र -छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा की कृषि के क्षेत्र में बिहार बहुत आगे बढ़ रहा है इसके साथ वानिकी क्षेत्र में भी नई -नई तकनीकी आयी है ,बिहार सरकार का मानना की है कृषि के क्षेत्र में किसानो को आय ज्यादा नहीं बढ़ सकती है,वानिकी सेक्टर को आगे बढ़ाना है जिससे किसानो की आय बढ़ेगी जिससे बिहार की जीडीपी ग्रोथ बढ़ेगी। उन्होंने कहा की बिहार में कृषि के क्षेत्र में नई -नई टेक्नॉलजी आ रही है और इसको लेकर किसानो को जागरूक किया जा रहा है जिससे की किसानो को विभिन्न तरह की फसलों में उत्पादकता बढ़ सके। उन्होंने कहा की इस मेले का उदेश्य है की एक छत के नीचे किसानो के उत्पादकों को लाया जाये जिससे की किसान इसे देख कर अपने -अपने उत्पाद को नए नए रूप दे सके।

वही इस मोके पर जिला उधान पदाधिकारी डॉक्टर सुपर्णा ने बताया की इस मेले का उदेश्य है की नई -नई तकनीक को किसानो को अवगत कराया,इसके साथ किसानो के उत्पाद को आपसी पारदर्शिता के साथ -साथ को बढ़ाना। उन्होंने कहा की इस मेले में 12 वर्ग रखा था जिसमे एक वर्ग में 15 शाखाएं थी जिसमें, सब्जी ,फल ,शहद ,पान का पत्ता,केक्टस आदि में प्रादर्श रखा था जिसमे छह जिले मुंगेर ,लखीसराय, जमुई बेगूसराय, शेखपुरा और लखीसराय जिले से लगभग 650 किसानो ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है जिसमे 45 किसान को प्रथम पुरस्कार,43 किसान को दुतीय पुरस्कार और 33 किसान को तृतीय पुरस्कार मिला है

वही बरियारपुर के किसान रास बिहारी शर्मा ने बताया इस मेले में ड्रेगन ,और सब्जी की फसल को प्रदर्शित किया जिसमे ड्रेगन की खेती में प्रथम स्थान मिला है उन्होंने कहा की दो साल से ड्रैगन की खेती कर रहे है और अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा की पटना के मेला में ड्रेगन की खेती को सीखा और उसके बाद घर में उत्पादन कर रहे है। उन्होंने बताया हम रसायन और जैविक विधि के द्वारा खेती करते है इस मेले में किसानो द्वारा उत्पादित फसल का प्रदर्शनी लगाया जाता है जिससे की किसान इन्हे देख कर उत्पाद अपने खेतो में कर सकते है और अपनी आय को दुगनी कर सकते है। वही किसान सुपर्भांशु शेखर ने कहा की तीन साल से इस मेले में विशिष्ट पुरस्कार मिल रहा है और इस बार लगभग 40 पुरस्कार मिला है। उन्होंने बताया की प्रदर्शनी मेले में किसानो की रूचि बढ़ी है क्योकि पहले किसान अपने उत्पाद को नहीं ला पाते थे लेकिन अब किसान अधिक से अधिक उत्पाद को इस प्रदर्शनी मेला में ला रहे है। उन्होंने कहा की ऐसा लगता है किसानो को इसके प्रति रुझान बढ़ा है।

Join us on:

और पढ़ें