रिपोर्ट- सुमित कुमार!
-फॉरएवर मिसेज इंडिया सीजन-5 में बिहार मिसेज बनीं अनुराधा रॉय संघर्ष की राह से सफलता के शिखर तक, मुंगेर की बेटी ने रचा प्रेरणादायक इतिहास
मुंगेर जिले के असरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अनुश्रवण मूल्यांकन सहायक पद पर कार्यरत अनुराधा रॉय ने राजस्थान के जयपुर में आयोजित फॉरएवर मिसेज इंडिया सीजन-5 (वर्ष 2025) प्रतियोगिता में बिहार राज्य की मिसेज का खिताब जीतकर न केवल जिले, बल्कि पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। 19 से 21 दिसंबर तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बिहार सहित विभिन्न राज्यों से लगभग 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
अनुराधा रॉय ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना मॉडलिंग और रैम्प वॉक के क्षेत्र में पहचान बनाना था, लेकिन जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें लंबे समय तक अपने सपनों से दूर रखा। 22 वर्ष की उम्र में उनकी शादी जमशेदपुर में हुई, जहां ससुराल में प्रताड़ना झेलनी पड़ी। इसके बाद वे तीन माह की मासूम बेटी के साथ मायके मुंगेर लौट आईं और माता-पिता के सहयोग से जीवन की नई शुरुआत की।
संघर्ष के दौर में भी अनुराधा ने हार नहीं मानी। वर्ष 2014 में स्वास्थ्य विभाग, जमालपुर में डाटा ऑपरेटर के पद पर नौकरी मिली, हालांकि कुछ वर्षों बाद यह नौकरी छूट गई। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत बनाए रखी और वर्ष 2019 में असरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अनुश्रवण मूल्यांकन सहायक के पद पर नियुक्ति पाई। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपने बचपन के सपनों को साकार करने की दिशा में गंभीरता से तैयारी शुरू की।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक चयन के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास और परिवार के सहयोग के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। आज उनकी दस वर्षीय बेटी सानवी पांचवीं कक्षा में पढ़ती है और मां की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही है।
अनुराधा ने कहा कि यह सफलता उनके माता-पिता के त्याग और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखें, क्योंकि सच्ची लगन और मेहनत से हर सपना पूरा किया जा सकता है।
अनुराधा की मां मंजू देवी ने कहा कि बेटी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गर्वित है। उन्होंने बताया कि अनुराधा ने कठिन हालात में भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत से यह सम्मान हासिल किया। वहीं, बेटी सानवी ने कहा कि नानी के सहयोग से मां ने हर चुनौती का सामना किया और आज यह अवार्ड जीतकर परिवार का नाम रोशन किया।
उल्लेखनीय है कि अनुराधा रॉय की शिक्षा मुंगेर में हुई है। उनके पिता अनिल कुमार रॉय भारतीय खाद्य निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। अनुराधा वर्तमान में अपने माता-पिता और बेटी के साथ कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत शीतला मंदिर के पास रहती हैं। उनकी शादी वर्ष 2012 में हुई थी और वर्तमान में उनका तलाक हो चुका है।
बाइट-अनुराधा रॉय विनर
बाइट- सान्वी अनुराधा की पुत्री
बाइट-मंजू देवी अनुराधा की माँ

