रिपोर्ट- अमित कुमार!
कांटी में सरकारी बीज गुणन प्रक्षेत्र की भूमि को निजी व्यक्ति के नाम दाखिल-खारिज किया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकारी भूमि के साथ किसी भी प्रकार का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में यह पाया गया कि नियमों की अनदेखी कर या न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या करते हुए सरकारी भूमि को निजी नाम पर दर्ज किया गया है, तो जिम्मेदार पदाधिकारियों और लाभार्थियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई होगी।
माननीय उपमुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार की भूमि किसी भी सूरत में हड़पी नहीं जा सकती और ऐसे मामलों में सरकार की नीति शून्य सहनशीलता की है।
मुजफ्फरपुर के कांटी में 44 डिसमिल सरकारी कृषि भूमि के मामले में बड़ी प्रशासनिक चूक, हाईकोर्ट में प्रथम अपील विचाराधीन है। अंचलाधिकारी को कर दिया गया है निलंबित।
स्वत्व वाद संख्या 303/2018 में दिसंबर 2023 में पारित आदेश के आलोक में अंचलाधिकारी, कांटी द्वारा राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र के नाम से दर्ज कुल 6 एकड़ जमीन में से 44 डिसमिल भूमि का दाखिल-खारिज निजी व्यक्ति के पक्ष में कर दिया गया।
अपर समाहर्ता, मुजफ्फरपुर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से यह प्रतिवेदित किया गया कि अंचलाधिकारी, कांटी ने विभागीय प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कृषि विभाग की भूमि का दाखिल-खारिज निजी व्यक्ति के पक्ष में किया गया है।
जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया तथा तत्कालीन अंचलाधिकारी, कांटी के विरुद्ध कार्रवाई का अनुरोध किया गया। जांचोपरांत विभाग द्वारा तत्कालीन अंचलाधिकारी, कांटी को निलंबित कर दिया गया।
स्वत्व वाद संख्या 303/2018 में विद्वान सब जज, मुजफ्फरपुर द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में अपील दायर करने की प्रक्रिया भी तेज की गई। इस संबंध में पत्रांक 2626, दिनांक 02.09.2025 के माध्यम से प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना से पत्राचार कर ग्राउंड्स ऑफ अपील तैयार किए गए।
विद्वान महाधिवक्ता, बिहार, पटना द्वारा विधिक मंतव्य देते हुए अविलंब अपील दायर करने की सलाह दी गई। महाधिवक्ता के मंतव्य के आलोक में जिला कृषि पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा प्रथम अपील वाद संख्या 195/2025 माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर की गई है। वर्तमान में यह फर्स्ट अपील माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।




