:- रवि शंकर अमित!
उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में जिला उर्दू भाषा कोषांग, बेगूसराय द्वारा आर्ट गैलरी, कंकौल में एक दिवसीय ‘फरोग-ए-उर्दू’ कार्यशाला, सेमिनार एवं मुशायरा का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्री श्रीकांत शास्त्री द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने उर्दू भाषा को ‘मोहब्बत की जुबान’ बताते हुए कहा कि यह भाषा दिलों को जोड़ने और आपसी रिश्तों में मिठास घोलने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा का जन्म हमारे अपने देश में हुआ है और इसकी समृद्ध विरासत हमारी सांस्कृतिक विविधता की पहचान है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार उर्दू भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा आम नागरिकों को भी इसके उत्थान में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न डेलिगेट्स, प्रख्यात शायरों एवं आलेख पाठकों ने अपनी सारगर्भित प्रस्तुतियों के माध्यम से उर्दू भाषा और साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं स्थानीय छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण श्री रिजवान अहमद, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम सहनी, पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) श्री इमरान अहमद, वरीय कोषागार पदाधिकारी श्री राशिद तनवीर, अनुवाद पदाधिकारी श्री शकील अहमद सिद्दीकी सहित जिला, अनुमंडल, प्रखंड एवं अंचल स्तर के सभी उर्दू कर्मी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।




