जयनगर के विवेक कुमार ने यूपीएससी इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा में बजाया डंका, हासिल की देशभर में 57वीं रैंक!

SHARE:

रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!

मधुबनी जिले के जयनगर का युवा प्रतिभा विवेक कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) में देशभर में 57वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का मान-सम्मान बढ़ाया है। यह परीक्षा 10 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में संपन्न हुई थी, जिसका परिणाम बुधवार की देर शाम घोषित किया गया। परिणाम सामने आते ही पूरे जयनगर क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल बन गया। विवेक कुमार, जयनगर के किसान विनोद कुमार सिंह एवं गृहिणी रेणु देवी के पुत्र हैं। वे परिवार में सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई विकास कुमार भी वर्तमान में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। विवेक की दो बहनें हैं— लक्ष्मी कुमारी और विनीता कुमारी, जिनमें विनीता विवाहित हैं। उनके दादा स्वर्गीय विंदेश्वर प्रसाद सिंह जिला के प्रतिष्ठित शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) रह चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में विवेक की यात्रा जयनगर से ही आरंभ हुई। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, जयनगर तथा नव ज्योति कोचिंग सेंटर, जयनगर से हुई। उन्होंने उच्च विद्यालय, जयनगर से मैट्रिक तथा प्लस-टू की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने आर.एन.पी. कॉलेज, पंडौल से इंटरमीडिएट किया और आगे आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज (कोलकाता) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। विवेक के परिजनों के अनुसार, परीक्षा परिणाम घोषित होते ही उनके घर और पूरे मोहल्ले में उत्सव का माहौल छा गया। परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने मिठाइयाँ बाँटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया है। उन्हें बधाई देने वालों का तांता पूरे दिन लगा रहा। बताते चलें कि बधाई देने वालों में क्षेत्र के शिक्षाविद्, समाजसेवी और प्रतिष्ठित नागरिक शामिल रहे, जिनमें विक्रमादित्य सिंह, प्रोफेसर राम निवास सिंह, आमोद कुमार सिंह, नव ज्योति कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर चन्देश्वर यादव, भोला सिंह, संजय सिंह, दिनेश कुमार सिंह, गौतम सिंह, नवनीत कुमार चौधरी (शिक्षक), संतोष सिंह, राखी सिंह, विक्की सिंह (जेई), राजीव रंजन सिंह और संदीप कुमार सिंह (प्रोजेक्ट मैनेजर, एक्सेंचर) प्रमुख हैं। अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विवेक ने कहा कि “यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, लगन, सही मार्गदर्शन और परिवार के अटूट सहयोग का परिणाम है।” उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सदस्यों को दिया है। विवेक की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल उनका परिवार गर्वित है, बल्कि समूचे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह की लहर दौड़ गई है। लोगों का कहना है कि विवेक ने जयनगर समेत पूरे मिथिला क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

Join us on: