आदर्श आचार संहिता कोषांग की बैठक में अधिकारीयों को विधानसभा चुनाव को देखते हुए दिया गया प्रशिक्षण।

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रिपोर्ट-विक्रम उपाध्याय/खगड़िया!


आज आदर्श आचार संहिता कोषांग की बैठक में उपस्थित Co, EO, SHO को आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रशिक्षण दिया गया।
अपर समाहर्ता महोदय की अध्यक्षता में आदर्श आचार संहिता पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर निर्वाचन पदाधिकारी एवं नोडल पदाधिकारी, MCC द्वारा सभी पदाधिकारियों को चुनाव आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता एवं दिशा-निर्देशों संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों में संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना तथा उल्लंघनों की रोकथाम पर जोर देना था।

बैठक में चर्चित कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग निषेध चुनाव प्रचार में सरकारी वाहन, भवन या धन का उपयोग न करें। कोई भी सरकारी योजना या परियोजना की घोषणा न की जाए; इससे जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
  2. जाति-धर्म आधारित अपील पर प्रतिबंध: वोट मांगने के लिए जाति, धर्म, भाषा या समुदाय का उपयोग न करें। यह संवैधानिक रूप से वर्जित है तथा उल्लंघन पर कठोर दंड का प्रावधान है।
  3. भ्रष्टाचारपूर्ण प्रथाओं पर रोक: रिश्वत, धमकी, अनुचित प्रभाव या मतदाता धोखा जैसे कृत्यों पर सख्त निगरानी रखें। सभी शिकायतों को 24 घंटे के भीतर निवारण इकाई में दर्ज करें।
  4. प्रचार सामग्री पर नियंत्रण*: पोस्टर, बैनर या लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित सीमाओं में करें। सार्वजनिक स्थलों पर अनुमति के बिना लगाना वर्जित है तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें।
  5. मीडिया और सोशल मीडिया का नैतिक उपयोग झूठी या भ्रामक जानकारी न फैलाएं। सभी प्रचार सामग्री में उम्मीदवार का नाम, प्रतीक और जिम्मेदार व्यक्ति का विवरण स्पष्ट रूप से उल्लिखित हो।
  6. चुनावी खर्चों पर निगरानी उम्मीदवारों को निर्धारित खर्च सीमा का पालन कराना अनिवार्य है। पारदर्शिता के लिए दैनिक रिपोर्टिंग और ऑडिट की व्यवस्था पर बल दिया गया।
  7. निगरानी और रिपोर्टिंग संहिता उल्लंघन की दैनिक रिपोर्ट जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रेषित करें। स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रखें ताकि जनता आसानी से शिकायत दर्ज कर सके।
    बैठक के अंत में अपर समाहर्ता महोदय ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि संहिता का पालन सुनिश्चित करने हेतु सतर्कता बरती जाए तथा आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। यह बैठक चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

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