जिलाधिकारी ने लिया फसल क्षति का जायजा!

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मोतिहारी से अरविंद कुमार

पुर्वी चम्पारण के सुगौली प्रखंड के कई जगहों पर फसल की हुई क्षति का जायजा लिया जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने अधिकारियों के साथ लिया। उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर से लेकर 3 अक्टूबर तक हुई अतिवृष्टि से हुई फसल की क्षति का आंकलन किया जा रहा है। जबकि पूर्व में जून,जुलाई व अगस्त माह में फसल क्षति का जायजा लिया गया था। क्षेत्र में बाढ़ भी आ गया था। जिले में करीब 40 हजार हेक्टेयर भूमि में अतिवृष्टि से किसान फसल की रोपनी नही कर पाए थे। बाढ़ से करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि में फसल का नुकसान हुआ था। सरकार को इसका रिपोर्ट किया गया था।करीब 7 हजार हेक्टेयर में लगी गन्ना फसल की क्षति हुई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुनः एक बार फिर फसल क्षति का आंकलन किया जा रहा है। नए क्षेत्र में जहां परती हो या फसल की क्षति हुई है,उसका समीक्षा किया जा रहा है। इसके अलावे सिकरहना नदी के किनारे जो बांध नही है और उससे क्या क्षति हो रही है,उसका भी आंकलन किया जा रहा है। उसका भी रिपोर्ट भेजा जाएगा। शुकुल पाकड़ पंचायत सहित अन्य जगहों व कुछ प0 चंपारण जिला में भी बांध नही है। गन्ना किसानों को बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग से 18 हजार दिया जाता है।गन्ना किसान फसल क्षति के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करते है और उन्हें 13 हजार 5 सौ रुपया मुआवजा मिलता है। गन्ना विभाग के अधीन चीनी मिल जाती है। चीनी मिल से प्रदूषण की बात है तो विभाग भी इस समस्या को दूर करने के लिए लगा हुआ है।जहां तक हमारी बात है जब जब किसान के कल्याण के लिए बैठके होती है तो इस पर अधिकारियों से चर्चा होती है और इसके निदान के लिए कदम उठाया जा रहा है। वहीं प्रखंड के कई क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद डीएम ने दो दिनों के अंदर फसल क्षति का आंकलन करने का निर्देश दिया। मौके पर अपर समाहर्ता आपदा अनिल कुमार,जिला कृषि पदाधिकारी,बीडीओ सरोज बैठा,जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता,सीओ धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता,बीएओ सिधेश्वर राय, विकास कुमार सहित कई मौजूद थे।

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