पंकज कुमार जहानाबाद।
जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के वानावर पहाड़ पर स्थित बाबा सिद्धनाथ के मंदिर मे जलाभिषेक करने वाले कांवरियों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। इसका कारण प्रशासनिक व्यवस्था बताया जा रहा है। दूर-दूर से श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए बाबा सिद्धनाथ के मंदिर पहुंच रहे हैं लेकिन बाबा से दर्शन उन्हें नहीं हो रहा है। चल तो चढ़ा रहे हैं अर्घा मार्ग सहारे लेकिन भगवान भोले शंकर से दर्शन नहीं होने से लोगों के आस्था पर चोट पहुंच रही है। क्योंकि प्रशासन के द्वारा जो अर्घ लगाया गया है वह काफी दूर लगाया गया है जहां से बाबा भोले शंकर का दर्शन ही नहीं हो पा रहा है। इतना ही नहीं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए कमीटी के लोगों का कहना है कि जिस तरह से पिछली घटना को लेकर इस बार प्रशासन श्रद्धालुओं को दुकानों पर प्रसाद लेने नहीं दे रहा है फूल माला से वंचित कर रहा है। फूल माला के दुकानदारों को हटा दिया है ।इतना ही नहीं दान करने वाले लोगों को भी दान करने नहीं दे रहा है। ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है और यही कारण है कि श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर कमी आ रही है। दुकानदार प्रशासनिक व्यवस्था से काफी नाखुश नजर आ रहे हैं मंदिर प्रांगण के बाहर महज आठ दुकान लगाने की इजाजत दी गई है उन्हें भी सीमित जगह दी गई है। जहां वे दुकान चलाने में दुकानदारों को परेशानी आ रही है ।ऐसी स्थिति में मेला के संवेदक को कहना है कि सरकार के द्वारा पर सरकारी तौर पर लगभग दो करोड रुपए का निविदा से ठेका हमने लिया है ऐसी स्थिति में हम लोगों को काफी दिक्कत हो रही है दिक्कत का कारण सिर्फ और सिर्फ यह है कि प्रशासन के द्वारा मंदिर के बाहर दुकानदारों को जैसे पहले दुकान लगाया जाता था लगाने नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं जो दुकान लगी है उन दुकानों पर श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं अन्य सामग्री खरीदने की इजाजत नहीं दी जा रही है। पुलिस प्रशासन के लोग श्रद्धालुओं को दुकान पर खड़ा होने पर भीड़ नहीं लगाने की बात कर रहा हैं। इतना ही नहीं पातालगंगा में भी जो दुकानें लगती थी उन दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगने नहीं दी जा रही है मेला में झूला एवं अन्य मनोरंजन के समान लगाने की इजाजत नहीं दी गई है ऐसी स्थिति में हम लोग अपने को असहज महसूस कर रहे हैं क्योंकि 2 करोड़ रूपया में हम लोगों ने ठेका लिया है और जब हम लोग ठेका का पैसा ही नहीं मेला से ले सकेंगे तो सरकार को पैसा कैसे दी जाएगी। संवेदक का कहना है कि हम लोगों को जैसे पहले व्यवस्था किया गया था उसी प्रकार का व्यवस्था दिया जाए इसमें हम लोगों का जितना सहयोग पुलिस प्रशासन के लोग लेना चाहेंगे हम लोग देने के लिए तैयार हैं आपसी सामंजस बनाकर मेला को चलाया जाए ।इधर फूलमाला बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि हम लोगों का दुकान मेला में नहीं लगाने की इजाजत दी गई है जिसके कारण श्रद्धालुओं को बिना फूल माला एवं बेलपत्र को ही जलाभिषेक करना श्रद्धालुओं को पज रहा है। हम लोगों का जीवन यापन यही एक महीने के मेला से चलता था जिसे प्रशासन ने रोक लगा रखी है हम लोग जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि हम लोगों को मेला में दुकान लगाने की इजाजत दी जाए इसके लिए हम लोग प्रशासन को सहयोग करने के लिए भी तैयार हैं। इधर जिलाधिकारी अलंकृता पांडे का कहना है कि मंदिर के बाहर महज आठ दुकान दोनों साइड लगाने की इजाजत दी गई है मेला में लोग एक जगह एकत्रित नहीं हो इसके लिए पुलिस के जवानों के साथ दंडाधिकारी की व्यवस्था किया गया है श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसकी भी ध्यान दी जा रही है
Byte राजेश कुमार, मेला के संवेदक.
सत्येंद्र कुमार यादव, संवेदक के सहयोगी.
पप्पू कुमार, दुकानदार
रविकांत कुमार, दान कमेटी के सदस्य.
रंजीत कुमार, फुल दुकानदार.




