रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी का प्रयास विफल सशस्त्र सीमा बल की तत्परता से नाबालिग बालिका को तस्कर के चंगुल से बचाया एक नेपाली तस्कर गिरफ्तार
मानव जीवन की गरिमा की रक्षा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक और सफलता प्राप्त करते हुए, गुप्त सूचना के आधार पर मधुबनी जिले से लगने वाली इंडो नेपाल बॉर्डर पर मुस्तैद 48 वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर की ‘जी’ कम्पनी, सीमा चौकी कमला के सतर्क जवानों ने दिनांक 14 जुलाई, 2025 को एक नाबालिग लड़की की मानव तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया।
यह अभियान प्रातः 1100 बजे के करीब नेपाली रेलवे स्टेशन जयनगर के पास, सीमा स्तम्भ संख्या 270/13 से लगभग 1.5 किलो मीटर भारतीय क्षेत्र के अंदर चलाया गया। गश्त के दौरान जवानों को एक युवक द्वारा एक नाबालिग लड़की को नेपाल की ओर ले जाने की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुँचकर कार्रवाई की और मानव तस्करी की इस कोशिश को विफल कर दिया।
बरामद लड़की का पहचान सुनीता हेम्ब्रम, 14 वर्ष,
पिता मंसिंह हेम्ब्रम, घर झारखंड,
के रुप में किया गया है। वही पकड़े गए मानव तस्कर का पहचान अनुरूप मांझी, 20 वर्ष,
पिता रामसागर मांझी, घर नेपाल के रूप मे किया गया है।
यह कार्रवाई विवेक ओझा, उप-कमांडेंट प्रचालन की सटीक सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिला है कि नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अवैध रूप से सीमापार ले जाने की कोशिश की जा रही थी।
गिरफ्तार तस्कर और पीड़िता को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय पुलिस थाना जयनगर को सौंप दिया गया है। मामले की छानबीन संबंधित सिविल एजेंसियों द्वारा जारी है।
48वीं वाहिनी के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने इस सराहनीय कार्य के लिए जवानों को बधाई देते हुए कहा है कि मानव तस्करी जैसे घृणित अपराध को रोकना सशस्त्र सीमा बल की नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है। जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि हम न केवल देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि मानवाधिकारों की सुरक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सीमा क्षेत्र में इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि को सफल नहीं होने दिया जाएगा और लगातार चौकसी के साथ इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।




