रिपोर्ट- अमित कुमार
पप्पू यादव ने वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन अभियान के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के 8 करोड़ मतदाताओं में से करीब पौने 5 करोड़ मतदाताओं को हटाने के लिए यह सब कुछ किया जा रहा है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि यह जाति का नहीं, गरीबों और बिहारियों पर हमला है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बीएलओ को अपने गांवों में प्रवेश न करने दें और कोई दस्तावेज नहीं दें। जरूरत पड़े तो उनको गांव से भगा दो।
पप्पू यादव के बयान के मुख्य बिंदु:
- वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप: पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए गरीबों और वंचित वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर करने की साजिश की जा रही है।
- गांव में घुसने नहीं देंगे: पप्पू यादव ने लोगों से अपील की है कि वे बीएलओ को अपने गांवों में प्रवेश न करने दें और कोई दस्तावेज नहीं दें।
- महागठबंधन का समर्थन: कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, सीपीआई, सीपीआई समेत 11 विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर मतदाता सत्यापन के लिए मांगे गए दस्तावेजों पर सवाल उठाए हैं।
- आंदोलन की तैयारी: पप्पू यादव ने कहा कि अगर चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया बंद नहीं की, तो वे महायुद्ध छेड़ेंगे।




