जिलाधिकारी एवं डीडीसी ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण!

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रिपोर्ट-विक्रम उपाध्याय/खगड़िया

-जिलाधिकारी एवं डीडीसी ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार के दिए निर्देश

आज जिलाधिकारी खगड़िया एवं उप विकास आयुक्त द्वारा सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में व्याप्त विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी, दवाखाना, ब्लड बैंक, सिजेरियन वार्ड, प्री-लेबर रूम, लेबर रूम, ट्रायेज रूम, पैथोलॉजी लैब आदि का विस्तार से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से व्यवस्थाओं की अद्यतन जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण में निम्न प्रमुख मुद्दे सामने आए, जिन पर उन्होंने तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

  1. मरीजों के बैठने की व्यवस्था: अस्पताल परिसर में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए समुचित बैठने की व्यवस्था नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छायादार एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था शीघ्र स्थापित की जाए, विशेषकर ओपीडी क्षेत्र में, ताकि भीषण गर्मी एवं वर्षा से लोगों को राहत मिल सके।2. ओपीडी प्रक्रिया का डिजिटलीकरण जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ओपीडी की प्रक्रिया को शीघ्र ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जाए। साथ ही, मरीजों की सुविधा हेतु टोकन वितरण एवं अनाउंसमेंट सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी हो और मरीजों को समय पर सेवा मिल सके।
  2. पैथोलॉजी सुविधा को 24×7 किया जाए: उन्होंने निर्देशित किया कि पैथोलॉजी सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें। सभी प्रकार की जांच जैसे थायरॉइड, डेंगू, एलएफटी, केएफटी आदि की सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उपलब्ध जांच सुविधाओं एवं ड्यूटीवार तकनीशियन/डॉक्टर की रोस्टर सूची सार्वजनिक रूप से डिस्प्ले की जाए।
  3. चिकित्सकों की उपस्थिति: अस्पताल में कार्यरत सभी डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
  4. एनआरसी (Nutrition Rehabilitation Centre) की स्थिति: निरीक्षण के दौरान एनआरसी की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। विशेष रूप से कुपोषित (Stunted एवं Wasted) बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डायटीशियन इंचार्ज का वेतन कटौती करने का निर्देश दिया गया।
  5. ब्लड बैंक की पारदर्शिता: ब्लड बैंक की उपलब्धता को डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही, जिले के सभी एनजीओ, स्वैच्छिक संस्थाओं एवं अधिकारियों के सहयोग से ब्लड ग्रुप मैपिंग कराने का सुझाव दिया गया। भविष्य में ब्लड डोनेशन कैम्प आयोजित कर आम जनता को जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए।
  6. भीड़ नियंत्रण हेतु व्यवस्था: निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि अस्पताल परिसर में धूप में खड़े मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि तत्काल छायादार स्थान की व्यवस्था की जाए तथा प्रक्रिया को तेज एवं सुगम बनाया जाए।
    निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं जनता से सीधे जुड़ी होती हैं, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्देशों पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने एवं प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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