शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने बिहार में शैक्षणिक व्यवस्था को किया दुरुस्त!

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शंखनाद ब्यूरो भागलपुर

भागलपुर : जिला जदयू के मुख्य प्रवक्ता सह व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व महापौर दीपक भुवानिया ने अंग प्रदेश की धरती पर बिहार के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री विजय चौधरी के नेतृत्व में शिक्षा विभाग आज न केवल बुलंदियों को छू रहा है बल्कि बीपीएससी-यूपीएससी,नीट आदि ऐसे परीक्षा में भी सुखद परिणामों से विश्व स्तर पर बिहार का नाम उंचा हो रहा है. उन्होंने कहा कि विजय बाबू के के नेतृत्व में शिक्षा के स्तर को अधिकाधिक गुणवत्तापूर्ण तरीके से व्यवस्थित किया गया है.इसी का नतीजा है कि आज बिहार के छात्र हर एक क्षेत्र में अव्वल स्थान ला रहे हैं.
उक्त बातें उन्होंने शनिवार को हवाई अड्डा परिसर में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी को पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए कही. इस दौरान श्री भुवानिया ने बुके /चादर भेंट कर शिक्षा मंत्री को अंग प्रदेश की साहित्यिक- सांस्कृतिक, आध्यात्मिक- शैक्षणिक व सामाजिक गतिविधियोंं से अवगत कराया. तत्पश्चात उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच शिक्षा विभाग के प्रति साकारात्मक है, इसलिए शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद को सुशोभित करने के लिए एक जिम्मेवार, विवेकशील एवं कर्तव्यपरायण मंत्री विजय चौधरी का चयन उन्होंने किया है. उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री विजय बाबू ने शिक्षकों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कदम उठा रखे हैं.
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के लिए शिक्षा मंत्री अधिकाधिक सुविधापूर्ण माहौल बनायेंगे ताकि वे बच्चों को गुणवान बना सकें. ऐसे कामों में हम समूह का भी नैतिक कर्तव्य बनता है कि बिहार में शिक्षा का स्तर और ऊंचा करने के लिए विद्यालयों में माहौल बेहतर करने में जुटें और शैक्षणिक वातावरण को ऊंचा करने में अपना सकारात्मक योगदान दें. प्राथमिक स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक बिहार के शिक्षण संस्थानों का पुराना गौरव लौटे, हमारी सरकार का यही लक्ष्य है.
इस मौके पर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ले ने बताया कि पटना विवि की पहचान उनके शिक्षकों से थी,वे देशभर में पहचाने जाते थे.हम भी कोशिश करेंगे कि योग्य शिक्षक नियुक्त हों.मेरा ये नहीं मानना है कि जो बहाल हैं,वे अयोग्य हैं. शिक्षकों में मेधा की कमी नहीं है,पर वे अपना शत प्रतिशत योगदान दें तो निश्चत रूप से बदलाव दिखेगा.उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बनाने की है. सरकारी स्कूल ऐसे हो जाएं कि निज स्कूलों में जाने की आवश्यकता ही न रह जाये.उन्होंने कहा कि इसके लिए शिक्षक,छात्र,अभिभावक सबको मिलकर काम करना होगा.शिक्षक देश के रीढ़ हैं और गुणवत्ता शिक्षा उन्हीं पर निर्भर करता है.सरकार की जिम्मेवारी उनके जरूरतों की पूर्ति की है शिक्षकों से अपील करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि वे अपना दायित्व बखूबी निभाएं,उनकी परेशानी, कठिनाइयां सरकार और हम देखेंगे.

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