पंचायत चुनाव : स्क्रूटनी के दौरान 100 से ज्यादा प्रत्याशियों का नामांकन हुआ रद्द.. दिनभर हुआ हंगामा!

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शंखनाद ब्यूरो!

भागलपुर : जिले में पंचायत चुनाव को लेकर सन्हौला प्रखंड में शनिवार को नामांकन पत्र के स्कूटनी के दौरान दिन भर हंगामा की स्थिति बनी रही. गौरतलब हो कि सन्हौला प्रखंड में 16 सितंबर से 22 सितंबर तक तीसरे चरण में होने वाले मतदान को लेकर नामांकन किया गया था.नामांकन के बाद स्कूटनी का कार्य हो रहा है.इस दौरान सैकड़ों प्रत्याशियों का नामांकन रद्द कर दिया गया है.विदित हो कि स्क्रूटनी के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों का नामांकन रद्द किया गया है,जिन्होंने नामांकन के दौरान झारखंड से बने जाति प्रमाण पत्र को संलग्न किया था.वहीं दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने पहले झारखंड से बने जाति प्रमाण पत्र को संलग्न किया था फिर शनिवार को उसे बदलकर बिहार से बने जाति को संलग्न करने का अनुरोध कर रहा था. जिसे लेने से अधिकारियों ने मना कर दिया. ऐसे में दिनभर प्रखंड कार्यालय में हो-हंगामा की स्थिति बनी रही.
गौरतलब हो कि भागलपुर का सनहौला प्रखंड झारखंड के सीमा से सटा हुआ है.इस वजह से झारखंड की लड़कियों से यहां वैवाहिक रिश्ता बना हुआ है.ऐसी महिला बिहार की निवासी बन चुकी है.ऐसे में उन महिलाओं ने भी आरक्षित सीट से नामांकन दाखिल किया है, जिसे रद्द कर दिया गया है. इस बावत जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि जहां आरक्षित सीट है,वहां आरक्षित कोटे में आने वाला व्यक्ति ही चुनाव लड़ सकते हैं.उन्होंने कहा कि जो सीटें अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है, वहां उसी कोटे के व्यक्ति चुनाव लड़ सकते हैं.यदि कोई वैसे व्यक्ति वहां चुनाव लड़ना चाहते हैं, जो आरक्षण की श्रेणी में नहीं है तो उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा.
डीएम सुब्रत सेन ने कहा कि सामान्य सीट से कोई भी जाति वर्ग के व्यक्ति चुनाव लड़ सकते हैं.नामांकन में यदि सामान्य सीट के लिए जाति प्रमाण पत्र जमा करते हैं, जो आरक्षण के श्रेणी में आते हैं तो वैसे व्यक्तियों के नामांकन शुल्क में छूट दी जाएगी.उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के जारी दिशा निर्देश पर रिटर्निंग ऑफिसर निर्णय ले रहे हैं.
विदित हो कि बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित बिहार गजट 8 मार्च 2011 में पैराग्राफ 14 में लिखा गया है कि (14) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या -70 दिनांक 11.6.96 एवं बिहार अधिनियम 15/ 2003 के आलोक में राज्याधीन सेवाओं में आरक्षण का लाभ राज्य के मूल निवासी को ही देय है. सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या 3025 दिनांक 11.9.2007 के आलोक में स्पष्ट करना है कि व्यक्ति विशेष की जाति का निर्धारण उसके पिता की जाति से होगा.इसी गजट के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव के द्वारा पत्र निर्गत किया गया है. जिसमें स्पष्ट कहा है कि उपयुक्त विषय का प्रासंगिक पत्र के संबंध में कहना है कि जाति प्रमाण पत्र संबंधी निर्देश निर्गत करने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग बिहार पटना सक्षम विभाग है. सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या 61 दिनांक 9 .3 .2011 संलग्न द्वारा निर्गत निर्देश के आलोक में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र बिहार पंचायत निर्वाचन के लिए मान्य होगा.

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