रिपोर्ट- सुमित कुमार
मुंगेर : नदियों ,तालाबों में डूबने की घटनाओं में कमी लाने की पहल के तहत बच्चो को सुरक्षित तैराकी की प्रशिक्ष्ण दी जा रही है तैराकी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा मुंगेर के कष्टहरणी गंगा घाट में सुरक्षित तैराकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसके साथ सदर मुंगेर ,जमालपुर, बरियारपुर, धरहरा , हवेली खड़गपुर और असरगंज प्रखंडों में बच्चो को प्रशिक्ष्ण दिया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से सुरक्षित तैराकी की प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले मास्टर ट्रेंनरो के द्वारा बच्चो का 35 -35 बेच बनाकर दो शिफ्टों में 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तहत छह से 18 वर्ष तक के बालको को निशुल्क सुरक्षित तैराकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
वहीं जिला आपदा विभाग के द्वारा इस पहल को देख बच्चों के अभिभावकों में भी अपने छोटे-छोटे बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण दिलाने को लेकर उत्साह है जिसे लेकर अभिभावक अपने बच्चों को प्रशिक्षण स्थल पर लेकर आ रहे हैं और अपने-अपने बच्चों का नाम दर्ज कराकर मास्टर ट्रेंनरो द्वारा प्रशिक्षण दिलवा रहे है। प्रशिक्षण ले रहे बच्चो ने बताया की निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर अच्छा लग रहा है क्योकि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए तैराकी भी जरूरी है और इसमें शरीर की ताकत का पता चलता है। उन्होंने कहा की सरकार बहुत ही अच्छा कार्य कर रहे है जंहा निशुल्क बच्चो को तैराकी का प्रशिक्षण दे रही है।
जिला आपदा प्रभारी कुमार अभिषेक ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ के समय बच्चों के डूबने की संख्या अधिक होती है इसे लेकर सरकार के पहल पर जिले में विभिन्न प्रखंडों में गंगा किनारे और तालाबों और नदियों में मास्टर ट्रेनर द्वारा बच्चों को सुरक्षित तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.उन्होंने बताया की जिस जगह पर गोताखोर के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है वहां पर पानी के चारों ओर बांस और जाल लगा दिया गया है ताकि बच्चे अधिक पानी में ना जा सके और कम पानी में ही प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे इससे किसी तरह की हादसा ना हो
बाइट : कुमार अभिषेक जिला आपदा पदाधिकारी मुंगेर




