रिपोर्ट- अमित कुमार!
“जातिगत गणना पर JDU का बड़ा दावा – नीतीश कुमार के विजन को केंद्र ने अपनाया, कांग्रेस-राजद पर साधा निशाना”
श्रम दिवस के अवसर पर जेडीयू प्रदेश कार्यालय, पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जातिगत गणना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्णय को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किए जाने पर खुशी जाहिर की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी और मुख्य प्रवक्ता एमएलसी नीरज कुमार मौजूद रहे।
उमेश कुशवाहा ने कहा:
“मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो रास्ता दिखाया, अब पूरा देश उस पर चल रहा है। बिहार में जातिगत गणना का जो ऐतिहासिक फैसला लिया गया, उसे अब केंद्र सरकार ने देशभर में लागू करने का निर्णय लिया है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस फैसले के लिए धन्यवाद देते हैं और नीतीश कुमार को उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए साधुवाद।”
मंत्री विजय चौधरी ने कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए कहा: “जातिगत गणना की पहल बिहार से हुई और उसका नेतृत्व नीतीश कुमार ने किया। 2020 में ही नीतीश जी ने इसकी जरूरत बताई थी और 2021 में इसे सार्वजनिक करने की मांग की। उस समय एनडीए सरकार में रहते हुए हमने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करवाया और प्रधानमंत्री से मुलाकात भी की।” “जून 2022 में यह प्रस्ताव पारित हुआ और 10 अगस्त को राजद के साथ सरकार बनी। अब कांग्रेस और राजद जबरन श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनका कोई ठोस योगदान नहीं रहा। सिर्फ विरोध नहीं करना, नेतृत्व करने जैसा नहीं होता।”
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी टिप्पणी की:
“जब 2014 तक कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने जातिगत गणना क्यों नहीं करवाई? राहुल गांधी ने पहले इसका विरोध किया और अब श्रेय लेना चाहते हैं। देश में अब जो निर्णय लिया गया है, उसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है, लेकिन इसकी नींव नीतीश कुमार ने रखी थी।”
अंत में उन्होंने कहा:
“बिहार में जातिगत गणना को सफलतापूर्वक पूरा करना और पूरे देश को इसका मार्ग दिखाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ऐतिहासिक उपलब्धि है। इतिहास में उनका नाम इस कार्य के लिए अवश्य दर्ज होगा।”




