रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड अंतर्गत मलमल, भलनी, लोहा के साथ ही जयनगर शहरी क्षेत्र के भेलवा चौक, बलडिहा, ईसलामपुर, युनियन टोला, मारवाड़ी मुहल्ला, थाना टोला, राजपुताना, देवधा समेत जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों के मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गयी। ज्ञात हो कि इस्लाम धर्म में सबसे अव्वल महिना रमज़ान का माना जाता है। इसके अलावे इस महिने नमाज और कुरआन नियमित रूप से पढ़ना चाहिए। अल्लाह ने रमजान के पवित्र महिना को तीन भागों में विभाजित किया है। पहला भाग एक से दस रोजा तक रहमत का होता है। इस महिने का कदर करने वालों पर अल्लाह कि रहमत बरसती है। मुस्लिम समुदाय के लोगों का मानना है कि रोजा रखने वाले लोगों पर अर्श के फरिश्ते को दुआ करने का हुकुम दिया जाता है। दूसरा भाग मगफिरत का होता है। अल्लाह जिसे अपना महबूब बनाते हैं और उसकी जानकारी फरिश्ते को देते हैं। जबकि तीसरा भाग जहन्नुम (नर्क) से आजादी का होता है। पहले भाग में रहमतो की बारिश होता है। इस पवित्र महिना में बहुत खास राज छुपा होता है। इसी महीने में सबे कद्र की रात, एतकाफ एवं अंतिम शुक्रवार को अलविदा की नमाज अदा की जाती है।
बता दें कि रमजान के अंतिम शुक्रवार को सम्पूर्ण जिला क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गयी। नमाज के बाद इस्लाम धर्मावलंबियों ने नमाज समापन्न पर देश के अंदर अमन-चैन भाईचारे और विश्व शांति के लिए दुआ मांगी। नमाज के समय पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बंदोबस्त किया गया था।




