शबे बरात की रात मुल्क और दुनिया की सलामती के लिए मांगी गई दुआ, मजारों पर रात भर आते जाते रहे लोग!

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बक्सर से धीरज कुमार की रिपोर्ट

बक्सर जिले के प्रत्येक गली मोहल्ले में शबे बारात को लेकर बड़े ही जोर शोर से तैयारी चली पटाखे छोड़ने के साथ-साथ मस्जिद और मजारों को बड़े ही सुन्दर तरीके  से सजाया भी गया था और लोग रातभर जागकर अल्लाह की इबादत करने के साथ-साथ अपने गुनाहों की माफी मांगी और कुरान पढ़ने के बाद  अपने परिवार, रिश्तेदार, मुल्क और दुनिया की सलामती की दुआ भी मांगी.
बताते चलें कि शब-ए-बारात में पूरी रात दुआओं का दौर चलता है. इसलिए इसे इबादत, फजीलत, रहमत और मगफिरत की रात कहा जाती है. इस्लामिक धार्मिक मान्यता के अनुसार शब-ए-बारात की रात की गई हरेक जायज दुआओं को अल्लाह कबूल करते हैं और अपने बंदों के गुनाहों को माफ करते हैं.
शब-ए-बारात इस्लाम के महत्वपूर्ण रातों में एक है, जब लोग रातभर जागकर न सिर्फ इबादत करते हैं बल्कि गुनाहों से तौबा भी करते हैं. इस रात मुसलमान अपने पूर्वजों यानि जिनका इंतकाल हो चुका है उनकी मगफिरत की भी दुआ करते हैं. कुछ लोग शब-ए-बारात पर कब्रिस्तान भी जाते हैं और फातिहा पढ़ते हैं.
बाइट- स्थानीय युवक

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