रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
पीड़ित ने मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा के माध्यम से रेलवे के अध्यक्ष को भेजा नोटिस!
मुजफ्फरपुर :- जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के सुबास केशो ग्राम निवासी राजन झा ने अपने सास-ससुर के साथ 27 जनवरी को मुजफ्फरपुर से प्रयागराज तक जाने के लिए रेलवे का टिकट लिया था। जब ये लोग ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन गये, तब वहाँ पर ये लोग ट्रेन नहीं पकड़ पाये, क्योंकि ट्रेन का बोगी अंदर से बंद था। अधिवक्ता राजन झा ने इसकी शिकायत रेलवे प्रशासन से की, लेकिन रेल प्रशासन के द्वारा ट्रेन का बोगी नहीं खुलवाया गया। जिस कारण ये लोग महाकुम्भ स्नान से वंचित हो गये। राजन झा के अधिवक्ता एस.के.झा ने बताया कि यह पूरा मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत सेवा में कमी की कोटि का है। चूँकि रेलवे प्रशासन की यह जिम्मेदारी थी कि मुजफ्फरपुर से प्रयागराज तक यात्रियों को समय पर पहुंचाए, लेकिन रेलवे ने ऐसा नहीं किया। यह पवित्र महाकुम्भ 144 वर्षों के बाद आया है। राजन झा और उनके परिजनों को मोक्ष की प्राप्ति के लिए मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान करना था। लेकिन रेलवे के द्वारा इन लोगों को मोक्ष से वंचित कर दिया गया। जिस कारण रेलवे के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लीगल नोटिस भेजा गया है, जिसमें आर्थिक, मानसिक हर्जाना के मद में कुल 50 लाख रूपये का दावा किया गया है। अगर 15 दिनों के अंदर रेलवे के द्वारा हर्जाने की राशि नहीं दी गई, तो सक्षम न्यायालय में रेलवे के विरुद्ध मुकदमा किया जायेगा।




