रिपोर्ट- अमित कुमार!
बिहार विधान परिषद की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। जदयू ने शेखपुरा जिले के वरिष्ठ नेता ललन प्रसाद को अपना प्रत्याशी बनाया है। ललन प्रसाद धानुक जाति से आते हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं।
राजद के पूर्व एमएलसी सुनील सिंह की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई विधान परिषद की सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई है। इस सीट के लिए एनडीए ने जदयू के ललन प्रसाद को संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया है। ललन प्रसाद शेखपुरा जिले के सुजावलपुर गांव के निवासी हैं और धानुक जाति से संबंध रखते हैं, जो बिहार में अतिपिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आती है।
ललन प्रसाद का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हुआ, जब उन्होंने नीतीश कुमार के आह्वान पर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया। 1994 से वे समता पार्टी और बाद में जदयू के सक्रिय सदस्य रहे हैं। 2001 से 2006 तक उन्होंने घाट कुसुम्भा प्रखंड के जदयू अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जबकि 2009 से 2013 तक शेखपुरा जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा, वे अस्थावां विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी भी रह चुके हैं।
तीन बार जिला पार्षद रह चुके ललन प्रसाद की छवि एक ईमानदार और समर्पित नेता की रही है। उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। जदयू संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने पार्टी के विस्तार और मजबूती के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विधान परिषद उपचुनाव के लिए मतदान 23 जनवरी को होगा, जिसमें एनडीए के पास बहुमत होने के कारण ललन प्रसाद की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इस नियुक्ति के माध्यम से जदयू ने अतिपिछड़ा वर्ग, विशेषकर धानुक जाति, को साधने की रणनीति अपनाई है, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी को लाभ मिल सके।
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाए जाने पर खुशी जताई है और उम्मीद व्यक्त की है कि उनके अनुभव और समर्पण से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
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