हाजीपुर- दलालों के बिना मरीज इलाज करवा ही नहीं सकते हैं, सरकारी अस्पताल में दलालो की चलती है दबँगई!

SHARE:

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार!

वैशाली। हाजीपुर सदर अस्पताल के बिल्डिंगों पर दलाल बिचौलियों से सावधान स्वास्थ्य सेवा निशुल्क आदि छपी होडिंग पोस्ट सिर्फ स्लोगन है। सुविधाओं के लिए इस जुमले ही कह सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर सीएसडीएस के राउंड लगाना भी दिखावा ही तो है। दलालों और बिचौलियों के बिना मरीज अपना इलाज करवा ही नहीं सकते हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्र से निशुल्क इलाज की आशमें जिले की सदर अस्पताल में आए मरीजों को निचोड़ लिया जाता है। हालत अब इतने खराब हो गए हैं कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए मरीज को 10 से 20 रुपए तक देना पड़ रहा है। बताया जाता है कि बिचौलिए और दलाल मरीज से 10 या ₹20 लेकर नहीं छोड़ते उनके पीछे चिपक जाते हैं और ओपीडी में दिखाने के बाद सस्ती दवा दिलवाने के नाम पर अस्पताल रोड स्थित दवा दुकानों तक पहुंचती है। एक पुरजापहुंचने पर दुकानदारों द्वारा बिचोली और दलाल को 200 से ₹500 दिए जाते हैं। सदर अस्पताल में मरीज को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में कथित रूप से आशा कार्यकर्ता द्वारा वसूली करने का बात आम है। सदर अस्पताल आने वाले मरीजों से वसूली हो या उन्हें बरगला कर निजी अस्पताल ले जाना दवा दुकानदार का एजेंट के रूप में काम करने के लिए आरोप के घेरे में है। सदर अस्पताल में आए मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कथित रूप से अनिवार्य हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीज अधिकांश अनपढ़ होते हैं या कम पढ़े लिखे होते हैं। ना तो उनके पास एंड्रॉयड मोबाइल होता है। और न ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता दलाल के नए जमात को पैदा हो गए। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक महिला दलाल का मरीज से पैसा लेने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। महिला दलाल द्वारा कहा जा रहा है कि हम आपका ऑनलाइन कर देंगे हमें ₹10 दीजिए।

क्या कहते हैं अधिकारी

इस संबंध में वैशाली सिविल सर्जन श्याम नंदन प्रसाद ने बताया कि वीडियो वायरल की जानकारी नहीं है। वीडियो प्राप्त होते ही महिला की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Join us on:

Leave a Comment