निभाष मोदी, भागलपुर

गंगा का जलस्तर बढ़ जाने से लगभग 150 गांव बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है जिसमें भागलपुर के गंगा नदी से सटे शहरी क्षेत्र काफी प्रभावित हुए हैं! इसको देखते हुए अप्रत्याशित स्थिति से गंगा का जलस्तर अभी वर्तमान में तो थमा है लेकिन बाढ़ से ग्रसित लोगों की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है, बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कविता चला जा रहा है इसके बाद जो परेशानियां हो रही हैं बीमारियां फैल रही है उनके लिए भी जिला प्रशासन ने कुछ ठोस कदम उठाई है।इसको लेकर जिला प्रशासन लगभग 250 स्थानों पर सामुदायिक किचन की व्यवस्था की है साथ ही वैक्सीनेशन, पेयजल ,दवाई को लेकर कोविड-19 के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए सारी व्यवस्था बाढ़ क्षेत्र के लोगों के लिए मुहैया कराई गई है, साथ ही जीआर की राशि ₹6000 करके बी एफ एम एस के तहत लगभग 90 हज़ार परिवार को दिया जा चुका है और अभी 25 हज़ार परिवार को और देना बाकी है! जितने भी बाढ़ प्रभावित गांव है उन्हें अपने शिकायत करने का मौका पीएम सुब्रत कुमार सेन ने खुलेआम करने की अनुशंसा की है! जहां भी बाढ़ प्रभावित गांव है एवं बाढ़ से प्रभावित होकर सड़क डैमेज हुए हैं उन पर भी पानी निकलने के बाद जल्द से जल्द उसकी मरम्मत की जाएगी, साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी लगातार किया जा रहा है! जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि सबसे जरूरी पेयजल एवं शौचालय है जिस पर हमारी विशेष नजर है साथ ही 250 स्थानों पर जो सामुदायिक किचन की व्यवस्था की गई है उस पर भी कई अधिकारियों को रखा गया है कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है।




