नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की!

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:- रवि शंकर अमित!

जनता दल (यू०) के मुख्‍य प्रवक्‍ता नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगी। हम अगर अपनी और अपने भाइयों की सारी संपत्ति भी बेच दें तो 12 करोड़ 10 लाख रुपये नहीं जुटा पाएंगे।”

नीरज कुमार ने आगे कहा कि “तेजस्वी यादव के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन पर 11 मुकदमे दर्ज हैं। उन्हें भी अदालत की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता होगा और बार-बार ‘तेजस्वी यादव पिता लालू यादव हाजिर हों’ जैसी आवाजें सुननी पड़ती होंगी।” उन्होंने दावा किया कि उन्होंने तेजस्वी यादव पर जो आरोप लगाए हैं, उस पर वह अब भी अडिग हैं।

नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव से सवाल करते हुए कहा, “आपके चुनावी हलफनामे में दर्ज है कि जब आप विधायक नहीं थे, तब आपकी मासिक आय 42,335 रुपये थी। विधायक बनने के बाद आपकी मासिक आय घटकर 11,812 रुपये 50 पैसे कैसे हो गई, जबकि आज के समय में विधायकों का मूल वेतन 50,000 रुपये है ? इसका जवाब आपको देना होगा।”

नीरज कुमार ने जोर देते हुए कहा, “हम नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। सुशील मोदी जी ने ‘लालू लीला’ लिखी थी, और हम ‘ठग ग्रंथ’ लिखने की तैयारी में हैं। साथ ही, तेजस्वी यादव पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट का मामला भी दर्ज है। अगर तेजस्वी यादव खुद को देश के नेता मानते हैं, तो उन्हें बताना चाहिए कि किस अन्य नेता पर धोखाधड़ी (IPC 420) जैसे संगीन आरोप हैं।”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “तेजस्वी यादव के पास झारखंड के चुनाव के लिए भी पटना के बेऊर जेल से उम्मीदवार खोजने की कला है।”

नीरज कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि वह कानूनी नोटिस का जवाब जरूर देंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव को खुली चुनौती दी, “अगर आपके कलेजे में दम है, तो जिस आरोप का मैंने जिक्र किया है, उसके साथ दस्तावेज़ लेकर मीडिया में आइए, कोर्ट में आइए, और सच्चाई को सामने लाइए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी लिखा,
“माननीय @yadavtejashwi जी! चुनावी हलफनामा 2020 के अनुसार, आप पर 11 मुकदमे दर्ज हैं, जो कोतवाली से लेकर दिल्ली तक फैले हैं। आपको भी मान-सम्मान? आपके कानूनी नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। अभी तो सैलरी घोटाला का ही खुलासा किया है। प्रतीक्षा कीजिए, आपके नाम के साथ और भी घोटाले जुड़ने वाले हैं। ‘ठग ग्रंथ’ लिखने की तैयारी में हैं। नोटिस का जवाब भी देंगे। लेकिन इस बात का जवाब देना होगा कि विधायक बनने से पहले आपकी मासिक आय 42,335 रुपये थी, जो घटकर 11,812 रुपये 50 पैसे कैसे हो गई?”

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