रिपोर्ट- संतोष चौहान!
दुर्गापूजा के अवसर पर भक्तिमय हुआ सुपौल।
महानवमी के दिन माता के नौवें स्वरूप में मां सिद्धिदात्री की उपासना की गयी। देवी के इस रूप को देवी का पूर्ण स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां की उपासना करने से सम्पूर्ण नवरात्रि की उपासना का फल मिलता है, सच्चे मन से की गयी पूजा से माँ भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
ये तस्वीर है सदर प्रखंड के बरुआरी गांव स्थित दुर्गा मंदिर की, माता की महिमा अपरंपार है। बड़ी संख्या में भक्त अपनी मुरादे लेकर माँ के दरवार में मन्नतें पूरी करने की गुहार लगाने आते हैं और मन्नतें पूरी होने पर वे माता के मनोवांछित अनुष्ठान भी करते हैं।
ज्ञात हो कि दुर्गा मंदिर के साथ ही दस महाविद्या एवं नवोग्रह मंदिर शक्ति उपासना के केंद्रों में एक माना जाता है, इस मंदिर की स्थापना 17 वीं शताब्दी में की गई थी। स्थापना में पूर्णरूपेण तांत्रिक पद्धति का अनुसरण किया गया था, कहा जाता है कि शास्त्रों में वर्णित सभी देवी देवताओं की मूर्ति इस मंदिर में स्थापित है। दुर्गापूजा के दौरान यहां काफी संख्या में भक्त सिद्धि के लिए आते हैं। और मनवांछित फल लेकर जाते हैं।




