रिपोर्ट- अमित कुमार!
राजधानी पटना में शरद नवरात्रि के अवसर पर पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 3 अक्टूबर से शुरू हुई नवरात्रि 12 अक्टूबर को दशहरा उत्सव के साथ समाप्त होगी। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, भक्तजन अपनी आस्था के साथ उपवास का पालन कर रहे हैं। कुछ श्रद्धालु अष्टमी तिथि को अपना उपवास तोड़ते हैं, जबकि अन्य नवमी तिथि को कन्या पूजन के साथ अपना उपवास समाप्त करते हैं।
वहीं, इस बार पटना के सचिवालय स्थित नौलखा मंदिर में दरभंगा निवासी बाबा नागेश्वर सनातन धर्म के लिए अद्वितीय भक्ति में लीन हैं। बाबा नागेश्वर ने बताया कि वे पिछले 27 सालों से पूरे नवरात्रि के दौरान अपने सीने पर 21 कलश स्थापित करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी वे अन, जल और नित्य क्रिया का त्याग कर आठ दिनों से माता दुर्गा की आराधना में लगे हुए हैं।
बाबा का कहना है कि मां दुर्गा उन्हें इतनी शक्ति प्रदान करती हैं कि वे बिना खाए-पिए और बिना किसी शारीरिक जरूरत के पूरी नवरात्रि मां की पूजा में लीन रहते हैं। इस अद्भुत साधना को देखने के लिए नौलखा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है, जो बाबा नागेश्वर की आराधना और भक्ति से प्रेरित हो रहे हैं।
पटना के विभिन्न पूजा पंडालों में भी माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है, और चारों ओर भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।




