राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए मधुबनी की मीनाक्षी सहित बिहार के दो शिक्षक  चयनित!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!

राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए मधुबनी की मीनाक्षी सहित बिहार के दो शिक्षक हुए चयनित,
देश भर के कुल 50 शिक्षकों का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए हुआ है चयन

– मधुबनी मुख्यालय स्थित शिव गंगा बालिका प्लस टू स्कूल की सहायक शिक्षिका डॉक्टर मीनाक्षी कुमारी राष्ट्रीय पुरष्कार के लिए चयनित हुई है।
बिहार से शिक्षा विभाग ने की थी 6 शिक्षकों की अनुशंसा, प्राइमरी स्कूल के डॉयरेक्टर मिथलेश मिश्रा ने की थी अनुशंसा।
पुरष्कार की घोषणा की जानकारी होते ही मधुबनी में खुशी की लहर दौड़ गयी है। शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने डॉक्टर मीनाक्षी को शुभकामनाएं और बधाई दी हैं। डॉक्टर मीनाक्षी 2014 से शिवगंगा प्लस टू स्कूल में पदस्थापित हैं और इतिहास विषय पढ़ाती है। खेल शिक्षक का प्रभार भी इन्हें सौंपा गया है। डॉक्टर मीनाक्षी विशेष मुहिम के लिए प्रसिद्ध रही हैं। इन्होंने लड़कियों की शिक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया खुद भी पढ़ो औरों को भी पढ़ाओ और इसका खासा असर देखने को मिला। शिक्षा से वंचित सैकड़ों छात्राएं इस अभियान से जुड़ी और शिक्षित होकर दूसरे बच्चों को भी शिक्षित कर रही हैं। छात्राओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ भी छात्राओं को जागरूक कर रही है। दलित के बिच जाकर उनके बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में करा रही है। बालिकाओं को खेल कूद के लिए भी प्रेरित कर रही हैं और इनके प्रयास से मधुबनी की बालिकाएं एथलेटिक्स में राज्य स्तर तक का पुरष्कार जीत चुकी हैं। लडकिया भी मानती है इनके पढ़ाने और समझाने का तरीका काफी सरल है। जिस से पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाती है। वही लड़कियों को बोल्ड भी करती हैं।प्रिंसिपल भी इनके कार्यों का सराहना करते हुए कहती हैं डॉक्टर मीनाक्षी पढ़ाई के साथ साथ स्कूल के विकास कार्यों में बढ़ चढ़कर कर कार्य करती हैं। स्कूल में बच्चों के पीने के पानी के लिए आरओ ,सेनिटरी पैड मशीन लगवाई। स्कूल परिसर में सड़क बनवाई जिससे छात्राओं को काफी सुविधाएं हो रही है। पुरष्कार मिलने से शिक्षीका डॉक्टर मीनाक्षी भी गदगद हैं। उन्हो ने इसका श्रेय अपनी मेहनत और स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों के सहयोग को देती है। बहरहाल शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरष्कार मिलने से मधुबनी एक बार गौरवान्वित हुआ है।

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