रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
मधुबनी सदर अस्पताल में शनिवार को नवनिर्मित माॅडल अस्पताल में शाॅट सर्किट से लगी आग। आग की लपेट इतनी तेज थी कि अस्पताल के पुरे प्रांगण में अस्पताल कर्मी समेत मरीजों में अफरा तफरी की माहौल बन गया। अस्पताल के कर्मियों ने आग को बुझाने के लिए दौर पड़े। वहां पर उपस्थित कुछ लोगों का कहना था कि अस्पताल के मुख्य प्रबंधक के लापरवाही से आग लगी है। यदि अस्पताल के मुख्य पदाधिकारी सक्रिय रहते तो शायद इतनी बड़ी क्षति नहीं होती। उपस्थित कर्मी ने कहा कि बहुत विलम्ब से अग्निशामक गाड़ी को सुचना दिया गया। आग लगने के करीब आधा घंटा बाद अग्निशामक गाड़ी पहुँची। जहाँ अपनी तत्परता दिखाते हुए आग को अपने काबू मे कर लिया। आग अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर के कमरा से शुरू हुई। जो देखते ही देखते पांच कमरा को अपनी लपेट में ले लिया और सभी कमरों से आग की लपेटें उठनी शुरू हो गई और लाखों रुपए मूल्य के सामानों को जलने से क्षति पहुंची है। गनीमत की बात ये है की अस्पताल अभी चालू नहीं है। यदि माॅडल अस्पताल सुचारू रूप से चालु रहता तो भाग दौर में कितने लोगों की जान जाती कहना कठीन है । इस संदर्भ में अग्निशामक यन्त्र के सहायक पदाधिकारी गोपाल साह ने कहा कि हमे विलम्ब से जानकारी दिया गया। जबतक पहूंच पाते तबतक आग बिक्राल रूप धारण कर चुका था। लेकिन घटना स्थल पर पहुँचते ही आग को काबू में कर लिया गया। आश्चर्य की बात तो ये है कि माॅडल अस्पताल उदघाटन के बाद से चालू नही किया गया है। तो पुरे अस्पताल में में बिजली की आपुर्ती क्यों की जा रही थी। यह जांच का विषय है। वैसे कयास लगाया जा रहा है कि आग बिजली की शॉर्ट सर्किट से लगी।




