रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
क्या वास्तव में मानवीय संवेदना शून्य होता जा रहा है, कई दिनों से सड़क किनारे जिंदगी मौत से जूझ रहे वृद्ध को देखकर तो ऐसा ही लग रहा है!
लावारिस स्थिति में जिन्दगी और मौत से जुझ रहा वृद्ध,लोग देख देख कर नजर अंदाज कर रहा
ऐंकर– मधुबनी जिला मुख्यालय में एक असहाय, विचार, लाचार को देख कर ये कहना ग़लत नही होगा कि ईश्वर के भरोसे चलती है असहाय लाचार की जिन्दगी। एक बेसहारा अज्ञात वृद्ध को सड़क के किनारे तीन दिन से जिन्दगी और मौत से जूझता हुआ देखा जा रहा है। आने जाने वाले लोग देख देख कर मूंह मोड़ने का काम कर रहे है। जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल मधुबनी के मुख्य द्वार पर एक अज्ञात लगभग 70 वर्षी वृद्ध भुखे प्यासे सड़क के किनारे मरनाशन स्थिती में पड़ा हुआ देखा जा रहा है। जिसका पुष्टि स्थानीय लोग ने भी किया है। इस सन्दर्भ में जब अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी नरेश कुमार भीमसारिया से बात किया तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मेरा देखने का काम नहीं है। 112 पर सुचना दिजिए। उनकी असंतोष पुर्ण जवाब सुनकर उप विकास आयुक्त दिपेश कुमार को इस संबंध मे मोबाइल पर जानकारी दिया। तो उन्होंने त्वरित कार्यवाही करते हुए सदर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को अभिलम्ब उक्त वृद्ध की समुचित इलाज करने को लेकर कहा। वरीय पदाधिकारी के निर्देश पाते ही अस्पताल के कर्मचारी उक्त वृद्ध को सदर अस्पताल में भर्ती करने के साथ ही इलाज प्रारम्भ कर दिया है।




