रिपोर्ट- मो. मुर्शिद आलम!
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर एक दिन के दौरे पर गुरुवार को अररिया पहुंचें। जहां पहले कार्यक्रम के दौरान बैरगाछी मैनापुर के ईद गाह मैदान में स्थानी लोगों से रूबरू हुए। इस मौके पर प्रशांत किशोर ने भाजपा और तेजस्वी यादव पर जमकर भड़ास निकाली। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की बिहार में मुसलमानों की स्थिति दलितों से गरीब और खराब है। बिहार में सबसे ज्यादा बदहाल कोई है तो वो मुसलमान भाई हैं। बिहार के मुसलमान भाजपा के डर से आरजेडी का बंधुआ मजदूरी कर रहे हैं। मुसलमानों के गांव में जाने से वहां की बदहाली का पता चलता है, सड़कें टूटी हुई है, सड़कें इतनी खराब है कि लोगों का अस्पताल पहुंचने से पहले दम निकल जाता है। यही हाल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का है। उन्होंने कहा कि अभी दो महीने पहले सड़क विभाग का मंत्री कौन था वो तेजस्वी यादव थे। नाली गली का मंत्री भी तेजस्वी यादव थे। स्वास्थ्य विभाग का मंत्री भी तेजस्वी यादव थे। क्या इतना विभाग रहने के बावजूद इन सभी में सुधार आया नहीं आया। फिर लोकसभा चुनाव में मुसलमानों ने भाजपा के डर से लालटेन छाप को वोट देदिया। उन्होंने कहा कि अगर गलत हुक्मरानों को चुनोगे तो जाली हुक्मरानों का शासन रहेगा ही। गलती उसकी नहीं है गलती हमारी है इसके बावजूद वोट उन्हीं को देते हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा वोट की राजनीति के लिए गरीबों को मुफ्त अनाज का लालच देती। प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि देश का हिन्दू मुसलमान साथ रहता है लेकिन चुनाव के समय भाजपा हिंदुओं को कहा सारे हिन्दू एक हो जाओ अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए वोट दो। राम मंदिर बनाने के लिए पूरे देश के हिंदुओं ने भाजपा को वोट दिया। उन्होंने सवाल किया क्या आपके गांव में बढ़िया स्कूल बना बढ़िया अस्पताल बना लेकिन अयोध्या में राम मंदिर जरूर बन गया। आपलोगों ने बिजली की दशा सुधारने के लिए नीतीश कुमार को वोट दिया लेकिन क्या उसमें सुधार हुआ। बैरगाछी के ईद गाह मैदान के बाद प्रशांत किशोर की दूसरी सभा पलासी बटुरबाड़ी के झववा मैदान में आयोजित हुई।
—सरकार बनी तो तीन संकल्पों को पूरा करेंगे
प्रशांत किशोर ने बिहार में जन सुराज की सरकार बनने पर 3 संकल्पों को पूरा करने की बात की। प्रशांत किशोर ने कहा कि सड़क बने न बने इन सब को छोड़ दीजिए सबसे पहले बिहार से गए बेरोजगार को बिहार में वापस लाया जाएगा और उन्हें बिहार में ही 10 से 12 हजार रुपए महीने का रोजगार मुहैया कराया जाएगा। दूसरा संकल्प में होगा विश्वस्तरीय विद्यालय, बिहार के हर प्रखंड में 5 विश्वस्तरीय विद्यालय खुलवाए जाएंगे। तीसरा संकल्प होगा 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए। बिहार में जब 2025 में जन सुराज की सरकार बनेगी तब 60 साल से ऊपर वाले जितने बुजुर्ग होंगे उन्हें महीने का 2 हजार रुपये मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं पदयात्रा के माध्यम से आप सबको समझा रहा हूं कि 5 किलो अनाज का लालच छोड़ अपने बच्चों का सिकुड़ा सीना देखिए। अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए वोट कीजिए तभी जाकर विद्यालय और अस्पताल खुलेंगे वर्ना जिस गरीबी में आपने अपनी जिंदगी काटी ठीक वैसे ही आपके अपने बच्चों को काटना होगा।




