रिपोर्ट- अमित कुमार!
2022 में राज्य निर्वाचन आयोग ने नए नियम के तहत राज्य के सभी 252 निकायों में मेयर, उपमेयर और नगर अध्यक्ष, नगर उपाध्यक्ष का चुनाव करवाया जिसमें सीधे जनता ने वोट दिया था . नगर उपाध्यक्ष तो बन गए लेकिन उपाध्यक्ष को अधिकार कुछ भी नहीं दिया गया है इसको लेकर नगर निकाय में उपाध्यक्ष पद पर तैनात लोग लगातार आंदोलन कर रहे थे और अब उग्र रूप अपनाते हुए आज नगर विकास मंत्री नीतिन नवीन के आवास पर सैकड़ो की संख्या में नगर उपाध्यक्ष पहुंच गए और अपना इस्तीफा पत्र दिए .हालांकि उपाध्यक्षों ने बताया कि मंत्री महोदय ने इस्तीफा पत्र हमसे नहीं लिया और एक सप्ताह के अंदर नियम में कुछ बदलाव करने का आश्वासन दिया है. अध्यक्ष ने बताया कि हम लोग प्रक्रिया के तहत चुनाव जीते हैं . राज सरकार ने चुनाव तो ठीक करवाया लेकिन हम लोग को सिर्फ कागज पर पद मिला हुआ है जनता की सेवा के लिए कोई अधिकार नहीं है. कहा जाता है उप मतलब चुप वही स्थिति बनी हुई है .बता दे कि पूरे बिहार में 252 नगर निकाय है जिनमें 151 नगर पंचायत है, 85 नगर परिषद और 17 नगर निगम है जिस पर निगम में उप मेयर का पद है तो नगर परिषद और नगर पंचायत में नगर उपाध्यक्ष का पद है और सभी पर सीधे जनता ने वोट करके उपाध्यक्ष बनाया है अब यह लोग अधिकार की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं.




