पंकज कुमार जहानाबाद ।
प्रदेश की सुशासन बाबू की सरकार अस्पताल में समुचित व्यवस्था एवं इलाज करने का दावा लगातार करती है लेकिन जहानाबाद जिला मुख्यालय का सदर अस्पताल में इलाज तो दूर मरीज को बेड भी सही ढंग से मुहैय्या नहीं कराई जा रही है। जिसके कारण मरीजों को अस्पताल के प्रांगण में कहीं फर्श पर तो कहीं स्टैचर पर रखकर इलाज करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से पड रही तपती धुप एवं लु से लोग परेशान हैं ।लगातार लू के चपेट में आने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो गया है। सदर अस्पताल में बनाए गए वेड मरीजों की संख्या के सामने नाकाफी साबित हो रही है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक भी मरीजों की संख्या में हो रहे इजाफा को लेकर चाहकरभी सही ढंग से इलाज नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि मरीज की संख्या के सामने बेड कम पड़ जा रहा है।
जिले के सबसे बड़ा सदर अस्पताल का आलम यह है कि मरीजों को ज़मीन पर ही लेटना पड़ रहा है। जिले में उमस भरी भीषण गर्मी (हीट वेव) के फलस्वरूप मरीजों की संख्या मे काफी इजाफा हुआ है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मरीजों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यहां तक कि अस्पताल में स्ट्रेचर के अभाव में मरीजों को परिजन गोद में उठा लाने को मजबूर हो गए हैं। मरीजों के परिजनों द्वारा कहा जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही इतना है कि न तो दबा की समुचित व्यवस्था है,और न मरीजों के लिए बेड,लोग जमीन पर ही लेटने को मजबूर हैं।
सिविल सर्जन से अस्पताल की हकीकत के सम्बंध में जब जानने की कोशिश किया गया, तो सिविल सर्जन द्वारा कोई सार्थक जबाव नहीं दिया गया। वही नहीं जिला पदाधिकारी द्वारा पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर तीन दिन पूर्व ही सभी को सतर्क तथा अस्पतालों में समुचित व्यवस्था को लेकर सतर्क किया जा चुका था। फिर भी जिले के अस्पताल प्रशासन द्वारा लापरवाही बरतने तथा मरीजों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं रखने जैसा बातें सामने आई है ।यही नहीं डाॅक्टर तथा नर्स की भी आवश्यकता अनुसार डियूटी नहीं लगाया जाना, जिला पदाधिकारी के आदेश का भी उल॑घन करने की बात सामने आई है। अब सवाल उठता है कि अस्पताल के इसको कुव्यवस्था के लिए आखिर जिम्मेवार कौन हैं और कब तक मरीजों को परेशानी होती रहेगी।




