:- रवि शंकर अमित!
बढ़ते तापमान ने बिहार मे 54 वर्षो का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है. तो वहीँ एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, तापमान का सितम ना सिर्फ लोगों को परेशान कर रहा है बल्कि मशीनें भी हांफ रही है. ऐसे मे गर्मी से बचाने का जो सबसे अहम कारक है वो है बिजली और अब बिजली सप्लाई का एक प्रमुख उपकरण जिसे हम ट्रांसफार्मर के नाम से जानते हैँ वो भी दम तोड़ने लगा है और अत्यधिक गर्म होकर इसमें आग लगने का खतरा उत्पन्नन हो गया है. इस खतरे से बचाने के लिए हाथीदह विद्युत् उपकेंद्र मे बड़े बड़े ट्रांसफार्मर को अब विद्युत् कर्मी लगातार पानी डाल कर ठंढा करने मे लगे है. इस खतरे के बाबजूद की अगर कहीं पानी डालते वक़्त बिजली के सम्पर्क मे आ गये तो जानलेवा होगा.
विद्युत् कर्मी नें बताया की ऐसा इसलिए कर रहे हैँ की ताकी ट्रांसफार्मर का तापमान कम और स्थिर बना रहे, अगर ऐसा नहीं हुआ तो गर्म होकर इसमें तुरंत आग लग जायेगा और ब्लास्ट भी हो सकता है . और फिर उस स्थिति मे लोगों को लम्बे वक़्त तक बिना बिजली के रहना पड़ेगा. इसलिए हमलोग ट्रांसफार्मर पर पानी डालकर इसे लगातार ठंडा रखने की कोशिश कर रहे हैँ जिससे निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित रहे. हालांकि पानी डालने का काम सिर्फ सप्लाई में हो रहा है जहाँ से लोगों को बिजली दी जाती है जबकी ग्रीड में अत्याधुनिक ट्रांसफार्मर लगे हैँ जिसमे पंखे फिट हैँ जो उसे ठंढा रखते हैँ, ग्रीड में विभिन्न कंपनियों की बिजली आती है और उसे मांग के अनुसार सप्लाई को दिया जाता है और फिर सप्लाई उसे घर घर पहुँचाता है.
इधर सप्लाई के ट्रांसफार्मर पर पानी डालने का फायदा ये हो रहा है की लोगों को औसतन 23 घंटे तक बिजली दी जा रही है, जिससे की इस नाकाबिले बर्दास्त गर्मी से राहत मिलती रहे. ये व्यवस्था हाथीदह के सहायक विद्युत अभियंता और कनीय विद्युत अभियंता की टीम ने की है, और सभी कर्मी ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने में उनका सहयोग कर रहे हैँ!
Byte – संतोष कुमार, विद्युतकर्मी , सप्लाई( टी शर्ट में)
byte – सुनील कुमार, विद्युत् कर्मी ,ग्रिड ( शर्ट में )




