रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड अंतर्गत पुरसौलिया गांव में एक साधारण से परिवार में जन्मे और पले बढ़े रामटहल पूर्वे अपने सादगी एवं बेदाग सामाजिक जिवन के लिए जाने जाते थें। इनके राजनीतिक स्वक्ष जिवन का सफर ही कुछ ऐसा रहा कि इन्हें संम्पूर्ण जिले में गांधी वादी नेता के रूप में आज भी लोग भुला नहीं। स्वर्गीय पूर्वे की पहली पुण्यतिथि उनके पैतृक गांव में मनायी गई। इस मौके पर महिला नेत्री राज श्री किरन, केवल झा, राजगीर साहू, बासुकी झा सहित दर्जनों लोगो ने उन्हें याद करते हुए उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। एक वर्ष पूर्व पुरसौलिया गांव में उनके घर के नजदीक एक झाड़ी में उनकी हत्या कर चेहरे पर तेजाब डालकर शव को फेंक दिया गया था। घटना के चार दिन बाद कलुआही थाना पुलिस शव बरामद किया था। इस जघन्य हत्याकांड को लेकर लोगों में उस समय काफी आक्रोश था। जो आज भी व्याप्त है। एक वर्ष पूर्व घटना को लेकर उनकी पुत्रवधू के बयान पर कलुआही थाना में कांड दर्ज किया गया। उस समय लोगों में इतना आक्रोश था की लोगों ने थाना को घेर कर पुलिस कार्रवाई में उदासीनता का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस के विरुद्ध जम कर आक्रोश का इजहार किया था। बाद में उनकी पुत्रवधू ने आरक्षी अधीक्षक मधुबनी, आइजी दरभंगा एवं डीजीपी पटना को आवेदन पत्र समर्पित कर गांव के कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लागाया है। बाबजूद भी पुलिस आज तक जघन्य हत्याकांड का उद्भेदन कर नहीं पायी है। जिस से पुलिस कार्रवाई को लेकर आज भी लोगों के बिच कय तरह के सवाल उठाया जा रहा है।




