कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
कैमूर। रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा कैमूर द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर रेडक्रास भवन में रविवार को ‘मेरा स्वास्थ्य मेरा अधिकार’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन करते हुए सचिव प्रसून कुमार मिश्रा ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए नागरिकों का स्वस्थ रहना आवश्यक है। स्वस्थ शरीर में हीं स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। श्री मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में देश में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था संख्या एवं गुणवत्ता की दृष्टि से पर्याप्त नहीं है। फलस्वरूप लोगों को बाध्य होकर प्राईवेट डाक्टर और चिकित्सा संस्थानों की शरण में जाना पड़ता है। जिनमें से अधिकांश का उद्देश्य रोगियों को स्वस्थ करना न होकर उनकी जान की कीमत पर अधिकाधिक मुनाफा कमाना हो गया है। आए दिन प्राईवेट अस्पतालों के कारनामों की भयावह खबरें आ रही हैं। ऐसे में सरकार की ओर से सभी नागरिकों को मुफ्त स्तरीय चिकित्सा उपलब्ध कराने के सिवा कोई अन्य समाधान नहीं है।
कोषाध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि सरकार ने आयुष्मान कार्ड योजना के माध्यम से गरीबी रेखा के नीचे वाले लोगों के लिए मुफ्त ईलाज की व्यवस्था की है। लेकिन मंहगे होते जा रहे ईलाज को देखते हुए सभी नागरिकों के लिए मुफ्त चिकित्सा की गारंटी जरूरी है। संगोष्ठी का संचालन करते हुए प्रबंध समिति सदस्य अनिल तिवारी ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल सफेद हाथी बनकर रह गए हैं। जबकि प्राईवेट अस्पतालों में बेरोकटोक अमानवीय लूट जारी है। यह सेवा नहीं व्यापार बन गया है। वरीय अधिवक्ता रवि कुमार सिन्हा, जितेन्द्र उपाध्याय, अखिलेश दूबे, छोटे लाल शुक्ल आदि ने मुफ्त एवं स्तरीय चिकित्सा गारंटी को मौलिक अधिकार बनाने की मांग की। समाजसेवी देवलाल पासवान, उपेन्द्र पाण्डेय, बुच्चु सिंह कुशवाहा, संजय तिवारी, राजीव रंजन पाण्डेय आदि ने बदहाल चिकित्सा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वस्थ रहना प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य भी है। उन्होंने सरकार से सबके लिए उत्तम स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की मांग की।




