CAA लाकर वोट के ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है भाजपा – राजद!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

राजद जिला प्रवक्ता ने कहा मोदी सरकार चुनाव से पहले सी ए ए लाकर वोट की कर रही है राजनीति

राजद जिला प्रवक्ता मधुबनी इंद्रजीत राय ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा है कि भा जा पा चुनाव से पहले सी ए ए को लाकर वोट की राजनीति कर रही है। संघ नित मोदी सरकार दस साल देश पर राज करने के बाद आम चुनाव के ठीक पहले सी ए ए लेकर आयी है। ऐसे वक़्त जब गरीब और मध्यम वर्ग महंगाई से कराह रहा है और बेरोज़गार युवा रोज़गार के लिए दर दर की ठोकरें खा रहा है। उन असली मुद्दों का समाधान करने की बजाय ये लोग सी ए ए लाये हैं। ये लोग कह रहे हैं कि तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता दी जाएगी। यानि ये पड़ोसी देशों के लोगों को भारत में लाकर बसाना चाहते हैं। अब सवाल उठना लाजिमी है कि ऐसा ये क्यों कर रहे हैं। तो इसका सीधा सा उत्तर है अपना वोट बैंक बनाने के लिए ये ऐसा कर रहे है। जब हमारे युवाओं के पास रोज़गार नहीं है तो पड़ोसी देशों से आने वाले लोगों को रोज़गार कौन देगा? उनके लिए घर कौन बनाएगा? क्या बीजेपी उनको रोज़गार की गारंटी देगी? क्या बीजेपी उनके लिए घर बनाएगी? पिछले दस सालों में 11 लाख से ज़्यादा व्यापारी और उद्योगपति इनकी नीतियों और अत्याचारों से तंग आकर देश छोड़कर चले गये। उन्हें वापिस लाने के बजाय ये पड़ोसी देश के ग़रीबों को लाकर भारत में बसाना चाहते हैं। क्यों की इनका अपना वोट बैंक मजबूत हो। ऐसा खेला नही चलेगा। पूरा देश सी ए ए का विरोध कर रहा है। पहले हमारे बच्चों को नौकरी दो, पहले हमारे लोगों को घर दो। फिर दूसरे देशों के लोगों को हमारे देश में लाना। पूरी दुनिया में हर देश दूसरे देशों के ग़रीबों को अपने देश में आने से रोकता है। क्योंकि इस से स्थानीय लोगों के रोज़गार और देश के आर्थिक स्थिति पर प्रभावित होता हैं। बीजेपी शायद दुनिया की एक मात्र अकेली पार्टी है जो पड़ोसी देशों के ग़रीबों को अपना वोट बैंक बनाने के लिए ये गंदी राजनीति कर रही है। ये देश के ख़िलाफ़ है।
ख़ासकर असम और पूरे उत्तर पूर्वी भारत के लोग इसका सख़्त विरोध कर रहे हैं। जो बांग्लादेश से होने वाले माइग्रेशन के शिकार रहे हैं और जिनकी भाषा और संस्कृति आज ख़तरे में है। बीजेपी ने असम और पूरे उत्तर पूर्वी राज्यों के लोगों को धोखा दिया है। जिस का खामियाजा उसे उठाना पड़ेगा।

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